मुंगेली : छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वर्ष 2026-27 में शत-प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य हासिल करने के लिए जिले में जनभागीदारी के साथ ‘उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुंगेली जिले के विभिन्न विद्यालयों एवं ग्रामों में ‘उल्लास महा चौपाल’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा, जागरूकता और आत्मनिर्भरता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया।
कलेक्टर एवं जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अध्यक्ष कुन्दन कुमार तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गोकुल राम रावटे के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रमों में शिक्षकों, विद्यार्थियों, ग्रामवासियों, स्वयंसेवकों, महिलाओं, युवाओं और नवसाक्षर शिक्षार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ध्वजारोहण के बाद विभिन्न स्थानों पर सामूहिक उल्लास शपथ, महाचौपाल और ‘कहानियों का कारवां’ जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। नवसाक्षर शिक्षार्थियों ने अपनी सीखने की यात्रा साझा करते हुए बताया कि पढ़ना-लिखना सीखने से उनके आत्मविश्वास और दैनिक जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
रैली और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से दिया साक्षरता का संदेश
जिला शिक्षा अधिकारी एल.पी. डाहिरे ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 14 अगस्त को ग्राम स्तर पर उल्लास साक्षरता रैली और मोबाइल टॉर्च रैली निकाली गई। वहीं महाचौपाल में साक्षरता रंगोली, चित्रकला, मेहंदी, नुक्कड़ नाटक, सेल्फी प्वाइंट, ‘उल्लास की घंटी’, मशाल रैली, प्रभात फेरी और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
‘मातृ साक्षरता’ पहल के तहत बच्चों ने अपनी निरक्षर माताओं को साक्षर बनाने का संकल्प लिया। वहीं ‘अंगूठे से कलम तक सम्मान’ के माध्यम से नवसाक्षर शिक्षार्थियों को सम्मानित कर उनके हस्ताक्षर कराए गए। कार्यक्रम में नवसाक्षरों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।
15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षरों को मिलेगा प्रशिक्षण
जिले के सभी ग्रामों और नगरीय निकायों के वार्डों में वर्तमान में असाक्षरों के सर्वे का कार्य जारी है। चिन्हांकन के बाद 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षरों को कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के माध्यम से 200 घंटे का अध्यापन कराया जाएगा। इसके बाद उन्हें आगामी शिक्षार्थी आंकलन परीक्षा में शामिल कराया जाएगा।
10 असाक्षरों को साक्षर करने पर विद्यार्थियों को बोनस अंक
साक्षरता अभियान में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों को 10 असाक्षरों को साक्षर करने पर बोर्ड एवं स्थानीय परीक्षा में 10 बोनस अंक दिए जाने का प्रावधान है। पिछले वर्ष मुंगेली जिले के 96 विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में बोनस अंक प्राप्त हुए थे।
इसके अलावा ‘अंगूठा मुक्त पंचायत’, ‘सुपर-30’ और ‘उल्लास ज्ञान रथ’ जैसी पहलों के माध्यम से जिले में साक्षरता अभियान को और व्यापक बनाया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य साक्षरता को केवल पढ़ने-लिखने तक सीमित न रखकर लोगों को आत्मनिर्भर, जागरूक और अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाना है।