4078145881738806504
14271021545470334915

अंबिकापुर के ग्राम डिगमा में रहने वाला 17 वर्षीय महेश सिंह जो बचपन से ही दिव्यांग है. महेश का एक हाथ नहीं है और दूसरा हाथ अविकसित है. महेश को पढऩे का जुनून है इसलिए हाथ ना होते हुए भी बचपन से पढ़ाई के लिए अपने पैरों को ही सहारा बना लिया है 

अंबिकापुर के ग्राम डिगमा में रहने वाला 17 वर्षीय महेश सिंह जो बचपन से ही दिव्यांग है. महेश का एक हाथ नहीं है और दूसरा हाथ अविकसित है. महेश को पढऩे का जुनून है इसलिए हाथ ना होते हुए भी बचपन से पढ़ाई के लिए अपने पैरों को ही सहारा बना लिया है

By

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *