खैरागढ़ : लगातार बारिश के बीच संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए जिला प्रशासन ने छुईखदान क्षेत्र में बाढ़ आपदा प्रबंधन की मॉकड्रिल आयोजित की। अभ्यास के दौरान नाव पलटने और चार लोगों के पानी में फंसने की स्थिति बनाई गई, जिसके बाद प्रशासन की टीम ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
मॉकड्रिल के तहत जिला बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना मिली कि बाढ़ के कारण लोगों को ले जा रही नाव पलट गई है और चार लोग पानी में फंस गए हैं। सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दलों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। स्थानीय आपदा मित्रों और प्रशिक्षित तैराकों को भी तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया गया।
तेज बहाव के बीच चार लोगों को सुरक्षित निकाला
एसडीआरएफ, आपदा मित्रों और स्थानीय तैराकों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया। रेस्क्यू बोट, रस्सियों और सुरक्षा उपकरणों की मदद से तेज बहाव में फंसे चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और राहत शिविर पहुंचाया गया।
मॉकड्रिल में एक व्यक्ति की स्थिति गंभीर दर्शाते हुए प्राथमिक उपचार और सीपीआर देने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया। इसके बाद उसे बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए सिविल अस्पताल भेजने की कार्रवाई प्रदर्शित की गई।
सूचना से अस्पताल तक पूरी व्यवस्था का अभ्यास
अभ्यास के दौरान आपदा की सूचना मिलने से लेकर रेस्क्यू टीम की तैनाती, प्रभावितों को सुरक्षित निकालने, प्राथमिक उपचार, राहत शिविर में पहुंचाने और अस्पताल तक भेजने की पूरी प्रक्रिया को परखा गया। साथ ही सड़क, दूरसंचार और अन्य जरूरी सेवाओं की बहाली की प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया।
इस मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय विभिन्न विभागों की तत्परता, संसाधनों की उपलब्धता और आपसी समन्वय की स्थिति को परखना रहा।
कलेक्टर और एसपी ने लिया तैयारियों का जायजा
कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल और पुलिस अधीक्षक लक्ष्य विनोद शर्मा ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान का निरीक्षण किया। उन्होंने रेस्क्यू टीम द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे उपकरणों, बचाव प्रक्रिया और प्राथमिक उपचार की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वास्तविक आपदा की स्थिति में सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा में प्रत्येक मिनट महत्वपूर्ण होता है और विभागों के बीच बेहतर समन्वय से जनहानि को कम किया जा सकता है।
एसपी लक्ष्य विनोद शर्मा ने भी पुलिस की भूमिका, सुरक्षा व्यवस्था और रेस्क्यू टीमों के साथ समन्वय का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों तक सुरक्षित पहुंच और राहत-बचाव दलों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
मानसून को देखते हुए बचाव दल अलर्ट
जिला प्रशासन ने मानसून के दौरान संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए रेस्क्यू बोट, लाइफ जैकेट, प्रशिक्षित तैराक, आपदा मित्र और अन्य आवश्यक संसाधनों को तैयार रखा है। मॉकड्रिल के जरिए बचाव दलों की तत्परता और उपलब्ध संसाधनों की उपयोगिता का भी आकलन किया गया।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदी, नाले, बांध और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचें। तेज बहाव वाले पानी को पार करने का प्रयास न करें और बच्चों को भी ऐसे स्थानों से दूर रखें। आपात स्थिति में डायल 112 अथवा जिला बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना देने की अपील की गई है।