रायपुर : भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी सोनमणि बोरा ने बुधवार को छत्तीसगढ़ शासन के प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग का कार्यभार ग्रहण कर लिया। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से 18 अगस्त को जारी आदेश के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बोरा इससे पहले प्रमुख सचिव, आदिम जाति विकास विभाग, अनुसूचित जाति विकास विभाग तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग का दायित्व संभाल रहे थे। इसके साथ ही वे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त प्रभार की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
पदभार संभालते ही अधिकारियों से की चर्चा
कार्यभार ग्रहण करने के बाद बोरा ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर विभाग की योजनाओं, कार्यक्रमों और चल रहे कार्यों की जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें विभागीय गतिविधियों और योजनाओं की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया।
इस दौरान विभाग के संचालक रिमिजियुस एक्का, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल, उप सचिव भागवत जायसवाल, अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य, मुख्य अभियंता राजेश शर्मा, संयुक्त संचालक मिथिलेश अवस्थी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
रायपुर के शहरी विकास में रहा अहम योगदान
सोनमणि बोरा का नगरीय विकास और प्रशासन में लंबा अनुभव रहा है। राज्य गठन के बाद रायपुर को राजधानी के रूप में विकसित करने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वे रायपुर नगर पालिक निगम, रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) और बिलासपुर विकास प्राधिकरण (BDA) में आयुक्त एवं सीईओ की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
उनके कार्यकाल के दौरान सफाई मित्र योजना, बूढ़ातालाब समेत अन्य तालाबों के संवर्धन एवं पुनरोद्धार, महादेव घाट में मूर्ति विसर्जन के लिए स्थान निर्धारित करने जैसे कई कार्य किए गए।
इसके अलावा नगरीय क्षेत्रों के स्कूलों के कायाकल्प, रायपुर नगर निगम में जन्म-मृत्यु पंजीयन को ऑनलाइन करने और लेखा संबंधी कार्यों को मैनुअल व्यवस्था से सॉफ्टवेयर आधारित प्रणाली में बदलने जैसे काम भी उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में रहे।
जनता से जुड़े कामों को प्राथमिकता
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग का काम शहरों में नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ विभिन्न शहरी विकास योजनाओं का संचालन और क्रियान्वयन करना है।
कार्यभार संभालने के बाद बोरा ने अधिकारियों से कहा कि जनता से सीधे जुड़े विभागीय कार्यक्रमों और मूलभूत सुविधाओं से संबंधित योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए। उनके अनुभव से नगरीय विकास से जुड़े कार्यों में बेहतर समन्वय और तेजी आने की उम्मीद है।