रायपुर, नारायणपुर जिला प्रशासन ने पुनर्वासित और मुख्यधारा से जुड़ रहे युवाओं को कला एवं रंगमंच के माध्यम से सशक्त बनाने की दिशा में पहल की है। जिला प्रशासन और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD), नई दिल्ली के समन्वय से नारायणपुर में 30 दिवसीय नाट्य प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
प्रशिक्षण में पुनर्वासित युवाओं के साथ स्थानीय युवाओं ने भी हिस्सा लिया। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को अभिनय, रंगमंच, मंच प्रस्तुति और कला की विभिन्न विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस पहल का उद्देश्य युवाओं की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देना, उनमें आत्मविश्वास विकसित करना और कला एवं संस्कृति के माध्यम से उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना रहा।
इस प्रशिक्षण में 100 पुनर्वासित आदिवासी युवा और 25 स्थानीय युवा शामिल हुए। 30 दिनों के प्रशिक्षण के बाद युवाओं ने तैयार नाट्य एवं कला प्रस्तुतियों का मंचन किया।
चक्रधर समारोह में दी प्रभावशाली प्रस्तुति
प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को रायगढ़ में आयोजित चक्रधर समारोह के समापन समारोह में अपनी प्रस्तुति देने का अवसर मिला। सार्वजनिक मंच पर प्रस्तुति के माध्यम से युवाओं ने अपनी कला और प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
जिला प्रशासन के अनुसार, हिंसा से प्रभावित अतीत से निकलकर इन युवाओं का रंगमंच और कला से जुड़ना पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की प्रक्रिया में एक सकारात्मक पहल है। कला के माध्यम से उन्हें अपनी प्रतिभा को पहचान देने और नए अवसर तलाशने का मंच मिल रहा है।
जिला प्रशासन और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के इस संयुक्त प्रयास का उद्देश्य युवाओं को उनकी प्रतिभा के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराने के साथ बस्तर की कला एवं संस्कृति को भी व्यापक मंच देना है