महासमुंद : कभी सामान्य सुविधाओं के साथ संचालित होने वाला महासमुंद जिले के बसना विकासखंड का शासकीय प्राथमिक शाला चनाट अब आधुनिक शैक्षणिक माहौल के लिए पहचान बना रहा है। वर्ष 2023 में पीएमश्री स्कूल के रूप में उन्नयन के बाद यहां कक्षाओं से लेकर खेल, योग, संगीत और रचनात्मक गतिविधियों तक कई बदलाव किए गए हैं। इसका असर बच्चों की पढ़ाई में रुचि पर भी दिखाई दे रहा है।
प्रिंट रिच कक्षाओं ने बनाया पढ़ना आसान और रोचक
स्कूल की कक्षाओं को बच्चों के अनुकूल प्रिंट रिच वातावरण में तैयार किया गया है। दीवारों पर हिंदी वर्णमाला, सप्ताह के दिन, महीनों के नाम, ज्यामितीय आकृतियां, सौरमंडल और राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़ी जानकारी प्रदर्शित की गई है। इससे बच्चों को किताबों के साथ-साथ अपने आसपास मौजूद शिक्षण सामग्री से भी सीखने का मौका मिल रहा है।
विद्यालय में बालवाड़ी के संचालन के लिए अतिरिक्त कक्ष बनाया गया है। वहीं बैगलेस-डे गतिविधियों के लिए अलग कक्ष तैयार किया गया है, जहां समूह गतिविधियों के साथ संगीत, योग और अन्य रचनात्मक गतिविधियां कराई जाती हैं।
हर्बल गार्डन से पौधों की पढ़ाई, खेल-सांस्कृतिक गतिविधियों पर जोर
विद्यालय परिसर में छह क्यारियों वाला उद्यान विकसित किया गया है। इसके साथ हर्बल गार्डन में आंवला, तुलसी, कढ़ी पत्ता, तेजपत्ता, एलोवेरा, लौंग और पीपली जैसे पौधे लगाए गए हैं। बच्चे इन पौधों को करीब से देखकर उनके उपयोग की जानकारी भी हासिल कर रहे हैं।
स्कूल में खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इससे पढ़ाई के साथ बच्चों को अपनी रचनात्मक और अन्य प्रतिभाओं को सामने लाने का अवसर मिल रहा है।
स्वच्छ पानी से लेकर हैंडवॉश कॉर्नर तक सुविधा
विद्यालय में स्वच्छ पेयजल, बेहतर स्वच्छता व्यवस्था और हैंडवॉश कॉर्नर बनाया गया है। भोजन से पहले और शौचालय के इस्तेमाल के बाद हाथ धोने की आदत को बच्चों की दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा रहा है। स्कूल परिसर में मुख्य प्रवेश द्वार, शौचालय और वाटर हार्वेस्टिंग संरचना भी तैयार की गई है।
पेवर ब्लॉक लगाए जाने से स्कूल का परिसर कीचड़ से मुक्त और व्यवस्थित हुआ है। इन सुविधाओं ने विद्यालय के वातावरण को बच्चों के लिए ज्यादा सुविधाजनक बनाया है।
दूरस्थ गांव में स्कूल बना अभिभावकों की पसंद
पीएमश्री योजना के तहत हुए इन बदलावों से चनाट जैसे दूरस्थ वनांचल क्षेत्र के स्कूल में पढ़ाई का माहौल बेहतर हुआ है। आधुनिक सुविधाओं और गतिविधि आधारित शिक्षा के कारण बच्चों की स्कूल में भागीदारी और रुचि बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। विद्यालय में आए बदलावों को देखकर आसपास के गांवों के अभिभावक भी अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर यहां रुचि दिखा रहे हैं।
पीएमश्री स्कूलों का उद्देश्य सिर्फ स्कूल भवन और सुविधाओं को बेहतर बनाना नहीं, बल्कि बच्चों को ऐसा माहौल देना है जहां वे पढ़ाई के साथ खेल, योग, संगीत और रचनात्मक गतिविधियों के जरिए अपने व्यक्तित्व का विकास कर सकें। चनाट का स्कूल इसी बदलाव की एक तस्वीर पेश कर रहा है।