रायपुर : राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी में विद्यार्थियों और आम नागरिकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिल रही है। प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम, छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों एवं जनजातीय नायकों के संघर्ष, ‘वंदे मातरम’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा और राज्य की विकास यात्रा को तस्वीरों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।
प्रदर्शनी के चौथे दिन स्कूली विद्यार्थियों ने ज्ञानवर्धक प्रश्नोत्तरी में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। मंच पर आकर सवालों के जवाब देने से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ा और उन्हें छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा जनजातीय नायकों के जीवन और योगदान को जानने का अवसर मिला।
क्लू के जरिए स्वतंत्रता सेनानियों की पहचान
प्रदर्शनी में कंप्यूटर आधारित प्रश्नोत्तरी विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण रही। तीन टीमों को छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम पहचानने की चुनौती दी गई। विद्यार्थियों को संबंधित सेनानी के नाम का क्लू दिया गया और टीमों को बारी-बारी से अक्षर बताकर नाम पूरा करने का अवसर मिला।
सबसे अधिक सही अक्षरों के आधार पर सेनानी का नाम पहले पहचानने वाली टीम को विजेता घोषित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों में उत्साह और प्रतिस्पर्धा का माहौल रहा।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच रोचक सवाल-जवाब
प्रदर्शनी परिसर में छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। लोक संस्कृति और लोक कला की प्रस्तुतियों के बीच छत्तीसगढ़ के इतिहास, संस्कृति, परंपरा, स्वतंत्रता संग्राम और पर्यटन से जुड़े सवाल पूछे गए। सही जवाब देने वाले प्रतिभागियों का दर्शकों ने तालियों से उत्साहवर्धन किया।
एआई कैमरे ने बढ़ाया प्रदर्शनी का आकर्षण
प्रदर्शनी में एआई तकनीक से लैस स्वचालित कैमरा भी बच्चों और युवाओं के बीच खास आकर्षण बना हुआ है। इसके माध्यम से आगंतुक अपनी तस्वीर खिंचवाकर उसे छत्तीसगढ़ के विभिन्न पर्यटन और धार्मिक स्थलों की पृष्ठभूमि में देख सकते हैं। इसके अलावा पारंपरिक वेशभूषाओं के साथ फोटो लेने की सुविधा भी उपलब्ध है।
आधुनिक तकनीक के माध्यम से छत्तीसगढ़ की पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत करने का यह प्रयास प्रदर्शनी को खास बना रहा है।
तस्वीरों में स्वतंत्रता संग्राम से विकास यात्रा तक
प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम, वीर सेनानियों और जनजातीय नायकों के संघर्ष से जुड़े दुर्लभ छायाचित्र और ऐतिहासिक सामग्री प्रदर्शित की गई है। महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास तथा प्रदेश में हुए सामाजिक और राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े प्रसंग भी प्रदर्शित किए गए हैं।
इसके साथ ही ‘वंदे मातरम’ की 150 वर्षों की यात्रा और स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रभावना जागृत करने में इसकी भूमिका को भी तस्वीरों एवं जानकारी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
प्रदर्शनी में वर्तमान छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को भी प्रमुखता दी गई है। जनकल्याणकारी योजनाओं, सुशासन, शिक्षा, आवास, कृषि, महिला सशक्तिकरण, अधोसंरचना, रोजगार और विकास से जुड़ी उपलब्धियों की जानकारी भी छायाचित्रों के माध्यम से दी जा रही है।
आगंतुकों को ‘जनमन’ पत्रिका और पुस्तिकाओं का वितरण
प्रदर्शनी स्थल पर जनसंपर्क विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम नागरिकों को विभिन्न प्रदर्शित विषयों की जानकारी दे रहे हैं। साथ ही छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा पर आधारित ‘जनमन’ पत्रिका और पुस्तिकाओं का भी वितरण किया जा रहा है।
21 अगस्त तक देख सकेंगे प्रदर्शनी
कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में आयोजित यह सात दिवसीय प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से रात 8 बजे तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा, वीर सेनानियों एवं जनजातीय नायकों का संघर्ष, ‘वंदे मातरम’ की 150 वर्षों की यात्रा, छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, प्रश्नोत्तरी और एआई तकनीक का अनुभव एक ही मंच पर देखने को मिल रहा है।