रायपुर : प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना सरगुजा जिले में परिवारों को बिजली खर्च से राहत देने के साथ स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ाने में मददगार साबित हो रही है। अंबिकापुर के मायापुर निवासी नीधि वर्मा के घर पर सोलर संयंत्र लगने के बाद उनका बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। इससे पहले उनके परिवार को हर महीने करीब 4 से 5 हजार रुपए का बिजली बिल देना पड़ता था।
नीधि वर्मा ने बताया कि योजना के तहत उन्हें करीब 1.08 लाख रुपए की सब्सिडी मिली, जिसमें केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार और राज्य सरकार की ओर से 30 हजार रुपए शामिल हैं। सब्सिडी की मदद से सोलर संयंत्र लगाना आसान हुआ और अब घरेलू बिजली की जरूरतें सौर ऊर्जा से पूरी हो रही हैं।
नीधि वर्मा ने कहा कि पहले उनका परिवार केवल बिजली का उपभोक्ता था, लेकिन अब वे स्वयं बिजली का उत्पादन कर रहे हैं। घरेलू जरूरत से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में वापस जाती है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा से बिजली बिल में राहत के साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी योगदान मिल रहा है।
विद्युत विभाग के अनुसार अंबिकापुर शहर में 1,000 रूफटॉप सोलर संयंत्र के लक्ष्य के विरुद्ध 2,021 आवेदन मिले हैं। इनमें 1,985 हितग्राहियों के लिए वेंडर चयनित किए जा चुके हैं और 1,136 घरों में सोलर संयंत्र स्थापित हो चुके हैं। वहीं अंबिकापुर ग्रामीण क्षेत्र में 1,000 के लक्ष्य के मुकाबले 1,282 आवेदन प्राप्त हुए हैं और 305 घरों में संयंत्र लगाए जा चुके हैं।
प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के बढ़ते दायरे से सरगुजा में स्वच्छ ऊर्जा के साथ परिवारों की आर्थिक बचत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिल रहा है। नीधि वर्मा ने अधिक से अधिक परिवारों से योजना का लाभ उठाने की अपील की।