रायपुर, बस्तर में पहली बार राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की ओर से 8 और 9 अक्टूबर को जगदलपुर में आयोजित इस सम्मेलन में देशभर के वरिष्ठ अधिकारी ‘सहकार से समृद्धि’ की कार्ययोजना पर मंथन करेंगे। सम्मेलन की अध्यक्षता सहकारिता विभाग के सचिव आशीष कुमार भूटानी करेंगे। इसमें अतिरिक्त सचिव एवं राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के प्रबंध संचालक पंकज बंसल और अतिरिक्त सचिव सिद्धार्थ जैन सहित विभिन्न राज्यों के अधिकारी शामिल होंगे।

सम्मेलन में मल्टीपर्पस प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (एम-पैक्स), दुग्ध समितियों के गठन, एम-पैक्स के कंप्यूटरीकरण, डिजिटल सेवाओं, भंडारण क्षमता बढ़ाने और सहकारी बैंकिंग को मजबूत करने पर चर्चा होगी। एम-पैक्स के माध्यम से उर्वरक और अन्य कृषि आदानों के वितरण तथा बहुराज्यीय सहकारी संस्थाओं के साथ समन्वय पर भी विचार किया जाएगा। सम्मेलन के दौरान आगामी तीन महीनों के लिए कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर रहेगा।

छत्तीसगढ़ के सहकारिता सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना के अनुसार सम्मेलन में 15 राज्यों के सचिव और 14 राज्यों के सहकारी समितियों के पंजीयक हिस्सा लेंगे। पहले दिन सहकारिता मंत्रालय की प्रमुख पहलों की समीक्षा के साथ विभिन्न राज्यों द्वारा एम-पैक्स और दुग्ध समितियों के गठन, सदस्यता विस्तार, डिजिटल सेवाओं और ऋण उपलब्धता से जुड़े अनुभव साझा किए जाएंगे। वहीं, विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण, कारोबार के विविधीकरण तथा प्राथमिक समितियों को राष्ट्रीय निर्यात, जैविक और बीज सहकारी संस्थाओं से जोड़ने पर चर्चा होगी।

दूसरे दिन नाबार्ड और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम आगामी पांच वर्षों के वित्तीय सहयोग और राज्यवार लक्ष्यों की रूपरेखा प्रस्तुत करेंगे। एम-पैक्स से उर्वरक एवं कृषि आदानों की उपलब्धता और जिला स्तर के सफल सहकारी मॉडल भी साझा किए जाएंगे। सम्मेलन में शामिल अधिकारी बस्तर की एम-पैक्स, लघु वनोपज और जनजातीय सहकारी समितियों का भ्रमण कर जमीनी स्तर पर सहकारिता के मॉडल को भी देखेंगे।

छत्तीसगढ़ में ‘सहकार से समृद्धि’ के तहत 515 नए एम-पैक्स, 356 मत्स्य, 364 दुग्ध, 153 लघु वनोपज और 63 महिला बहुउद्देशीय सहकारी समितियां गठित की गई हैं। ‘सहकारिताओं में सहकार’ अभियान के तहत जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में 3.18 लाख नए कृषकों के खाते खोले गए हैं। राज्य के 2,058 एम-पैक्स को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया गया है और इनमें उपलब्ध माइक्रो एटीएम से अब तक 324 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ है।

राज्य में सहकारी क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एम-पैक्स में 200 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम बनाए जा रहे हैं। आरआईडीएफ योजना के तहत 725 एम-पैक्स में गोदामों का निर्माण किया गया है। वहीं, विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना में 46 एम-पैक्स चयनित हैं। इसके अलावा एनसीसीएफ, नाफेड और राष्ट्रीय सहकारी निर्यात, जैविक एवं बीज सहकारी संस्थाओं से भी एम-पैक्स को जोड़ा गया है। कोंडागांव और भोरमदेव में एथेनॉल संयंत्रों के जरिए कृषि उपज के मूल्य संवर्धन और रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि पंडरिया, अंबिकापुर और बालोद में तीन और संयंत्रों की प्रक्रिया जारी है।

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