जापान की एहिमे यूनिवर्सिटी से आए 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सिरपुर की ऐतिहासिक और पुरातात्विक विरासत का भ्रमण किया। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की ओर से आयोजित विशेष हेरिटेज टूर में जापानी विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने लक्ष्मण मंदिर, आनंद प्रभु कुटी विहार, स्वास्तिक विहार और तीवरदेव महाविहार समेत कई प्रमुख स्थलों को करीब से देखा।
12 से 14 सितंबर तक एनआईटी रायपुर के आतिथ्य में छत्तीसगढ़ आए प्रतिनिधिमंडल के लिए 14 सितंबर को सिरपुर भ्रमण का आयोजन किया गया। इस दौरान उन्हें सिरपुर के इतिहास, स्थापत्य कला और यहां मौजूद बौद्ध, हिंदू और जैन परंपराओं से जुड़े पुरातात्विक अवशेषों की जानकारी दी गई।
लक्ष्मण मंदिर से लेकर बौद्ध विहारों तक पहुंचा डेलीगेशन
सिरपुर भ्रमण की शुरुआत प्रमुख विरासत स्थलों के अवलोकन से हुई। लगभग सातवीं शताब्दी से जुड़े लक्ष्मण मंदिर की ईंटों पर की गई बारीक कारीगरी और स्थापत्य शैली ने प्रतिनिधिमंडल का ध्यान खींचा। स्थानीय गाइड ने उन्हें मंदिर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के बारे में जानकारी दी।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने आनंद प्रभु कुटी विहार और स्वास्तिक विहार का भ्रमण किया। यहां मौजूद बौद्ध प्रतिमाओं, विहारों की संरचना और प्राचीन वास्तु योजना के बारे में उन्होंने जानकारी ली। तीवरदेव महाविहार में बौद्ध और हिंदू कला परंपराओं के मेल को भी प्रतिनिधियों ने करीब से देखा।
पर्यटन के साथ अकादमिक संवाद को भी बढ़ावा
छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने प्रतिनिधिमंडल के लिए स्थानीय गाइड और विशेष हॉस्पिटैलिटी की व्यवस्था की। जापानी मेहमानों की खान-पान संबंधी पसंद का भी ध्यान रखा गया।
एनआईटी रायपुर के प्रोफेसर दिलीप सिंह सिसोदिया ने इस आयोजन में टूरिज्म बोर्ड के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे हेरिटेज टूर पर्यटन के साथ-साथ भारत और दूसरे देशों के बीच अकादमिक एवं सांस्कृतिक संवाद को मजबूत करने का माध्यम बन सकते हैं।
एहिमे यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा सिरपुर को अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों, शोधार्थियों और पर्यटकों के बीच पहचान दिलाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।