रायपुर : दुर्ग जिले की न्यायिक व्यवस्था में शनिवार को महत्वपूर्ण पहल हुई। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने नवीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन, दुर्ग के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। इस दौरान न्यायिक अधोसंरचना के साथ डिजिटल न्याय व्यवस्था और सामुदायिक मध्यस्थता से जुड़ी कई पहलों का भी शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम में न्यायाधिपति पी.पी. साहू, नरेश कुमार चंद्रवंशी, रवीन्द्र कुमार अग्रवाल, विभु दत्त गुरु और अमितेंद्र किशोर प्रसाद की गरिमामयी उपस्थिति रही।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया न्यायालय भवन

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग के. विनोद कुजूर ने स्वागत उद्बोधन में नए न्यायालय भवन की आवश्यकता और आधुनिक न्यायिक परिसर की परिकल्पना पर प्रकाश डाला। प्रस्तावित भवन से न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और न्यायार्थियों को बेहतर एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है।

‘संधि सेतु’ पुस्तक का विमोचन

कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा सामुदायिक मध्यस्थता पर तैयार पुस्तक ‘संधि सेतु’ का विमोचन किया गया। पुस्तक का उद्देश्य संवाद, सहमति और मध्यस्थता के माध्यम से स्थानीय स्तर पर विवादों के समाधान को बढ़ावा देना है।

डिजिटल न्यायिक सुविधाओं का शुभारंभ

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की आईटी टीम द्वारा विकसित डिजिटल पहलों का शुभारंभ एवं प्रस्तुतीकरण किया गया। इनमें Cashless Fine Payment Facility, AFR Mobile Application और Court Fee Ticket Generation System प्रमुख हैं।

इन सुविधाओं का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी, सुलभ और तकनीक-सक्षम बनाना है।

जन-केंद्रित न्याय व्यवस्था पर जोर

मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने कहा कि न्याय व्यवस्था की सफलता तभी है, जब न्याय अधिक सुलभ, सरल, पारदर्शी और आम नागरिकों के निकट हो। उन्होंने आधुनिक न्यायिक अधोसंरचना, तकनीकी नवाचार और सामुदायिक मध्यस्थता जैसे प्रयासों को न्याय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, जिला न्यायपालिका के अधिकारी-कर्मचारी, विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पैरालीगल वॉलंटियर्स, सामाजिक प्रतिनिधि और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

नवीन न्यायालय भवन का भूमिपूजन, ‘संधि सेतु’ पुस्तक का विमोचन और डिजिटल न्यायिक सुविधाओं का शुभारंभ दुर्ग की न्याय व्यवस्था को आधुनिक, तकनीक-सक्षम और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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