रायपुर : इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के मामले को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विद्यार्थियों के भविष्य से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के लिए पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की है। वहीं प्रकरण में तेलीबांधा थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। प्रश्नपत्र सोशल मीडिया तक कैसे पहुंचा और इसके प्रसारण में किन लोगों की भूमिका रही, इसका पता लगाने के लिए पुलिस के साथ साइबर सेल की भी मदद ली जा रही है।

जानकारी के अनुसार बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा 20 अगस्त को आयोजित होनी थी, जिसमें प्रदेश के 27 कृषि महाविद्यालयों के करीब 1,200 विद्यार्थी शामिल होने वाले थे। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की शिकायत सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा निरस्त कर दी। अब यह परीक्षा सितंबर के प्रथम सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएगी।

जांच समिति सोशल मीडिया पर प्रसारित प्रश्नपत्र और मूल प्रश्नपत्र का मिलान करेगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि प्रश्नपत्र सबसे पहले कहां से बाहर आया, किस माध्यम से प्रसारित हुआ और इसकी पहुंच किन-किन लोगों तक हुई। पुलिस और साइबर सेल उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाएंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं से लेकर शैक्षणिक परीक्षाओं तक हर परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। दोषी चाहे कोई भी हो, जांच में सामने आने पर उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन को भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रश्नपत्र की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने के निर्देश भी दिए हैं। प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर सुरक्षित रख-रखाव, परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने और परीक्षा शुरू होने तक की पूरी प्रक्रिया में सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

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