CG Breaking: सरकार ने हाल ही में पारित नई छत्तीसगढ़ नक्सल आत्मसमर्पण और पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 में ये सारे वादे किए हैं। जिसके बारे में बताते हुए राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नई नीति के क्रियान्वयन से अधिक संख्या में नक्सलियों को हथियार डालने और मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। बता दें कि यह व्यवस्था सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और कांकेर जिले में लागू होगी।
इस खास नई नीति के बारे डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने आगे बताया कि ‘पंचायत विभाग के अंतर्गत राज्य सरकार ‘एलवद पंचायत अभियान’ शुरू करेगी, जिसके तहत अगर कोई ग्राम पंचायत अपने इलाके में नक्सलियों को आत्मसमर्पण कराने में मदद करती है और खुद को माओवादी मुक्त घोषित करने का प्रस्ताव पारित करती है, तो संबंधित पंचायत के लिए एक करोड़ रुपए के निर्माण कार्य स्वीकृत किए जाएंगे।
साथ ही उन्होंने बताया कि इसके अलावा उन पंचायतों में मोबाइल नेटवर्क और बिजली कनेक्टिविटी भी उपलब्ध कराई जाएगी। नई आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति उन लोगों के लिए भी है जो नक्सली हिंसा के शिकार हैं।
वहीं उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने मार्च 2026 तक बस्तर से नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में यह अभियान और तेज़ किया जाएगा। अब केवल सरकार और सुरक्षाबल ही नहीं, बल्कि जनता भी नक्सलवाद के समापन के लिए पूरी तरह तैयार है। छत्तीसगढ़ में तेज़ी से हो रहे विकास कार्य यह दर्शाते हैं कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब शांति और समृद्धि का नया युग आने वाला है।

बस्तर में विकास की नई राह

CG Breaking: विजय शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। हाल ही में 577 मोबाइल टावरों की स्थापना की गई है, जिससे दूरसंचार सुविधाओं में व्यापक सुधार हुआ है। बीजापुर से पामेड़, नारायणपुर से मस्कुल, दंतेवाड़ा से अरनपुर, और जगारगुंडा तक बस सेवाएं बहाल कर दी गई हैं, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

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