रायपुर : नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने नई दिल्ली में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव सत्येन्द्र सिंह से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन पर केंद्रीय सचिव ने राज्य की सराहना की।
बोरा ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के लंबित कार्यों को निर्धारित विस्तारित समयावधि में पूरा करने के लिए राज्य सरकार द्वारा तैयार कार्ययोजना की जानकारी भी दी। बैठक में अरबन चैलेंज फंड, मिशन अमृत 2.0 और स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। राज्य ने इन योजनाओं को समय-सीमा में पूरा करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
अरबन चैलेंज फंड के तहत छत्तीसगढ़ को केंद्र से 6000 करोड़ रुपये के आवंटन में से 1500 करोड़ रुपये की राशि के प्रावधान की जानकारी दी गई। इसके अंतर्गत रायपुर में गंज मंडी, टर्शरी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, नवीन मार्केट रिडेवलपमेंट और पुरानी म्यूनिसिपल बिल्डिंग के पुनर्विकास सहित भिलाई-दुर्ग क्लस्टर में हाइब्रिड मॉडल पर वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट के प्रस्ताव चिन्हित किए गए हैं।
मिशन अमृत 2.0 के तहत स्वीकृत कार्यों को अगले डेढ़ वर्ष में चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की कार्ययोजना भी साझा की गई। राज्य को वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्राप्त 100 करोड़ रुपये के संपूर्ण उपयोग की जानकारी देते हुए अग्रिम किस्त जारी करने का अनुरोध किया गया, जिस पर केंद्र सरकार ने कार्रवाई करते हुए 100 करोड़ रुपये की राशि राज्य को जारी कर दी। साथ ही ऐसे नगरीय निकायों में भी अमृत मिशन लागू करने और अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया, जहां अभी कार्ययोजना स्वीकृत नहीं हुई है।
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत चल रहे कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए विशेष कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई। बोरा ने छत्तीसगढ़ के छोटे आकार और कम जनसंख्या घनत्व वाले नगरीय निकायों में योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान आ रही व्यावहारिक चुनौतियों से केंद्रीय सचिव को अवगत कराया। इस पर सत्येन्द्र सिंह ने केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में SUDA के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल भी मौजूद रहे।