दंतेवाड़ा : विकास कार्यों में देरी और गुणवत्ता को लेकर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। दंतेवाड़ा में हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य तय समयसीमा में पूरे होने चाहिए और गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। काम में प्रगति नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों से जिले में चल रहे स्वीकृत, निर्माणाधीन और प्रस्तावित कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को अपनी कार्यशैली में बदलाव लाने और केवल प्रक्रिया पूरी करने के बजाय काम का असर जमीन पर दिखाने के निर्देश दिए।
अरुण साव ने सड़कों, भवनों, पुल-पुलियों समेत अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनावश्यक देरी की स्थिति में जिम्मेदारी तय की जाएगी। साथ ही सरकारी कार्यालयों और परिसरों को साफ-सुथरा, व्यवस्थित और आम लोगों के लिए सुविधाजनक रखने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत बन रहे मकानों का काम तेज करने और अधूरे आवासों को जल्द पूरा करने पर भी जोर दिया गया। उप मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन की पूरी हो चुकी योजनाओं को ग्राम पंचायतों को सौंपने और जिन नल-जल योजनाओं पर काम चल रहा है, उन्हें जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित भुगतान का भी जल्द निपटारा करने को कहा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश का मौसम खत्म होते ही सभी निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। अधिकारियों को बैठक में दिए गए निर्देशों का गंभीरता से पालन करने और अपने-अपने विभागों के काम की नियमित निगरानी करने को कहा गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का वास्तविक फायदा लोगों तक पहुंचना चाहिए। कागजों में प्रगति दिखाने के बजाय काम का असर धरातल पर नजर आना जरूरी है। समीक्षा बैठक में कलेक्टर देवेश ध्रुव समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।