रायपुर : निर्माण कार्यों में तकनीकी खामियों और सुरक्षा मानकों को लेकर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने बड़ी कार्रवाई की है। कोरबा में बने कन्वेंशनल हॉल के डिटेल डिजाइन में त्रुटियां और तकनीकी प्रस्ताव में कमियां मिलने के बाद रायपुर की वास्तुविद फर्म जी.टी. डिज़ाइन स्टूडियो के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
मंडल ने फर्म से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन जांच के बाद उसका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद वर्तमान में फर्म से जुड़े अलग-अलग कार्यों के अनुबंध खत्म करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही भविष्य में मंडल की योजनाओं में फर्म को कोई नया काम नहीं देने का फैसला किया गया है।
चार योजनाओं से हटेगी फर्म
मंडल के निर्देश के बाद जी.टी. डिज़ाइन स्टूडियो से जुड़ी चार योजनाओं में अनुबंध समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इनमें राजनांदगांव के कैलाश नगर की रिडेवलपमेंट योजना, बलरामपुर जिले के रामानुजगंज की रिडेवलपमेंट योजना, कबीर नगर फेस-02 की आवासीय योजना और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले की अटल विहार योजना, बंधी शामिल हैं।
संबंधित कार्यपालन अभियंताओं को फर्म को लिखित सूचना देकर नियमों के तहत अनुबंध समाप्त करने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है। अनुबंध खत्म होने के बाद इन योजनाओं में फर्म कोई नया काम नहीं कर सकेगी।
डिजाइन की गलती पर होगी जवाबदेही
मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि मंडल की योजनाएं सीधे आम लोगों से जुड़ी हैं, इसलिए निर्माण में गुणवत्ता और सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि डिजाइन से लेकर निर्माण तक तकनीकी मानकों का पालन जरूरी है। लापरवाही मिलने पर संबंधित वास्तुविद या एजेंसी की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
मंडल आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने भी तकनीकी लापरवाही को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्माण की मजबूती और सुरक्षा में सही डिजाइन की अहम भूमिका होती है। डिजाइन या तकनीकी प्रस्ताव में गंभीर खामी मिलने पर संबंधित फर्म के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मंडल ने साफ किया है कि आगे भी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, डिजाइन की शुद्धता और सुरक्षा मानकों की निगरानी जारी रहेगी। तकनीकी मानकों की अनदेखी करने वाली एजेंसियों और फर्मों पर कार्रवाई की जाएगी।