रायपुर, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण और बच्चों का सुपोषण बेहद जरूरी है। विकास का वास्तविक अर्थ तभी है, जब महिलाओं को अपने निर्णय लेने का आत्मविश्वास मिले और हर बच्चे को पोषण, शिक्षा और सुरक्षा का बेहतर अवसर मिले।
उन्होंने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से शासन की योजनाओं और सेवाओं को जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। महतारी वंदन योजना के जरिए महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है। वहीं स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं बचत, कौशल विकास और आजीविका के नए अवसरों से जुड़ रही हैं।
मंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा के साथ माताओं को जरूरी जानकारी देने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इन केंद्रों की सफलता के लिए परिवार और समुदाय की भागीदारी भी जरूरी है।
25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आयोजित ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों और समुदाय के लोगों को आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इस दौरान बच्चों के भोजन, पोषण, स्वच्छता और स्वास्थ्य को लेकर चर्चा की जाएगी। परिवारों को बच्चों की थाली में विविध और पौष्टिक आहार शामिल करने के लिए भी जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बाल विवाह, बाल श्रम, हिंसा और उपेक्षा जैसी चुनौतियों से बच्चों को बचाने के लिए परिवार, विद्यालय, पंचायत, आंगनबाड़ी और समुदाय को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी। बच्चों की बात सुनना और जरूरत पड़ने पर समय पर सहायता उपलब्ध कराना सुरक्षित बचपन के लिए जरूरी है।
लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि ‘बच्चों की थाली, हम सबकी जिम्मेदारी’ और ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ जैसे संदेशों को जनभागीदारी के साथ हर घर तक पहुंचाना होगा। सशक्त महिलाएं, सुपोषित बच्चे और सुरक्षित बचपन ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव तैयार करेंगे।