रायपुर : नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय वर्ल्ड लीडर्स फोरम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास का नया विजन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राज्य अब केवल खनिज और पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, डेटा सेंटर और स्टार्टअप जैसे नए क्षेत्रों को विकास का आधार बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई औद्योगिक नीति 2024-30 लागू होने के बाद प्रदेश को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 5 हजार नए स्टार्टअप विकसित करना है। नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 10 लाख रुपये तक सीड फंड की व्यवस्था के साथ युवाओं को नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एआई आधारित अर्थव्यवस्था के लिए भी व्यापक तैयारी की जा रही है। करीब 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को एआई प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 500 करोड़ रुपये के एआई मिशन के तहत 100 एआई डेटा लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाने हैं। नवा रायपुर में करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से एआई डेटा सेंटर पार्क विकसित करने की योजना भी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का आकार बढ़कर करीब 6.31 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जबकि आर्थिक वृद्धि दर 11.57 प्रतिशत दर्ज की गई। राज्य में सेमीकंडक्टर, फार्मास्युटिकल, स्पेस मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी निर्माण और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को बढ़ाया जा रहा है। 4,000 मेगावाट अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य भी रखा गया है।
बस्तर के विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा स्थिति में सुधार के बाद क्षेत्र में विकास, पर्यटन और निवेश की नई संभावनाएं खुली हैं। सड़क, रेल, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से बस्तर को नई अर्थव्यवस्था से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। चित्रकोट, तीरथगढ़, कांगेर घाटी और सिरपुर जैसे पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने निवेशकों के लिए राज्य में लागू ईज ऑफ डूइंग बिजनेस व्यवस्था की जानकारी देते हुए कहा कि कम जोखिम वाले उद्योगों के लिए स्वचालित अनुमति और समयबद्ध निर्णय की व्यवस्था की गई है। 8 विभागों की 43 सेवाओं को इसके दायरे में लाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य निवेश, तकनीक और नवाचार को स्थानीय युवाओं के रोजगार एवं उद्यमिता से जोड़कर छत्तीसगढ़ को नई अर्थव्यवस्था का मजबूत केंद्र बनाना है।