मुंगेली : भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशानुसार बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए मुंगेली जिले के ग्राम रामगढ़ स्थित अमृत सरोवर में मॉक एक्सरसाइज आयोजित की गई। अभ्यास के दौरान जिला प्रशासन सहित विभिन्न विभागों ने संभावित बाढ़ की स्थिति में राहत, बचाव और पुनर्व्यवस्था से जुड़ी तैयारियों का प्रदर्शन किया।

मॉक एक्सरसाइज के दौरान बाढ़ के बीच नाव पलटने और लोगों के पानी में फंसने की स्थिति बनाई गई। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम ने मोटर बोट की मदद से कुछ ही मिनटों में प्रभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें मौके पर सीपीआर और प्राथमिक उपचार देने का अभ्यास किया गया और एंबुलेंस के माध्यम से राहत शिविर पहुंचाने की कार्रवाई प्रदर्शित की गई।

विभागों के बीच समन्वय की परखी गई व्यवस्था

अभ्यास के दौरान बाढ़ आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया, संसाधनों की उपलब्धता और राहत-बचाव कार्यों की प्रभावशीलता का आकलन किया गया। मुंगेली एसडीएम अजय शतरंज ने बताया कि नगर सेना और बचाव दल ने आवश्यक उपकरणों एवं मोटर बोट के साथ रेस्क्यू की तैयारियों का प्रदर्शन किया।

जल संसाधन विभाग द्वारा बाढ़ से जुड़ी सूचनाओं के संकलन और नियंत्रण कक्ष में संचार व्यवस्था का अभ्यास किया गया। वहीं वन विभाग को प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई।

स्वास्थ्य से लेकर पेयजल तक की तैयारियों का अभ्यास

स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, जीवन रक्षक दवाइयों और आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर चिकित्सा व्यवस्था का अभ्यास किया। लोक निर्माण विभाग ने मार्गों से अवरोध हटाकर आवागमन सुचारू रखने की तैयारियां परखी, जबकि पुलिस विभाग ने वायरलेस संचार, यातायात और कानून-व्यवस्था से जुड़ी व्यवस्थाओं का प्रदर्शन किया।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने पेयजल और जल निकासी, खाद्य विभाग ने भोजन पैकेट, विद्युत विभाग ने बिजली व्यवस्था और दूरसंचार विभाग ने संचार व्यवस्था से संबंधित तैयारियों का अभ्यास किया। परिवहन विभाग ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए मिनी बस की व्यवस्था भी सुनिश्चित की।

राहत शिविर संचालन की भी हुई तैयारी

राजस्व विभाग द्वारा राहत शिविर के संचालन, प्रभावित लोगों से जुड़ी सूचनाओं के संकलन और वरिष्ठ अधिकारियों तक जानकारी पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। पंचायत एवं नगरीय निकायों ने प्रभावित लोगों के ठहरने और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था का प्रदर्शन किया।

मॉक एक्सरसाइज में राहत शिविर और अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण आपदा प्रबंधन केंद्रों को भी शामिल किया गया। पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विभाग ने बाढ़ के दौरान पशुओं को बीमारियों से बचाने और प्रभावित पशुओं के उपचार की तैयारियों की जानकारी दी।

प्रशासन ने लोगों को बाढ़ के दौरान सुरक्षित रहने के उपायों की जानकारी भी दी। सर्पदंश की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी गई।

मॉक एक्सरसाइज के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा, डिप्टी कलेक्टर मायानंद चंद्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, एसडीआरएफ टीम और नगर सैनिक मौजूद रहे। अभ्यास का उद्देश्य वास्तविक बाढ़ आपदा के समय त्वरित और प्रभावी राहत-बचाव सुनिश्चित करने के लिए तैयारियों को मजबूत करना रहा।

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