Kerala High Court: अपीलकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि चूंकि शादी के सिलसिले में पैसे और गहने सौंपे गए थे, इसलिए यह दहेज की राशि मानी जाएगी. याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि इसके लिए सुबूत बहुत कम हैं क्योंकि कानून द्वारा प्रतिबंधित होने की वजह से इस तरह का लेनदेन सार्वजनिक रूप से नहीं होता है.

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