टीम इंडिया में इन दिनों ज्यादातर क्रिकेटर छोटे गांव – कस्बों और शहरों से आते हैं. वो जब टीम में चुने जाते हैं तब अंग्रेजी अटक अटककर बोलते हैं. इस भाषा में तंग होते हैं लेकिन कुछ ही समय बाद वह फर्राटेदार तरीके से अंग्रेजी बोलने लगते हैं. आखिर ये असरदार बदलाव कैसे हो जाता है.

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