दिल्ली में देश का दिल धड़कता है. यहीं से पूरे देश की राजनीति तय होती है. खाने के शौकीनों को दिल्ली खींचती है. यहां देश के हर कोने का जायका मिलता है. दिल्ली की हर दिशा की खाने की खुशबू अलग-अलग है. मशहूर उर्दू लेखक शाहिद अहमद देहलवी ने अपने ख़ास अन्दाज में दिल्ली के बाज़ारों, कटरों और मोहल्ले की खिडकियों और यहां के खान-पान का बखान किया है. इस किताब को पढ़ते हुए दिल्ली की गलियों में गूंजती फेरी वालों की आवाज और उनके टोकरों, देगों और भट्टियों से उठती हुई महक आपके दिल में उतर जाती है.

By

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *