छत्‍तीसगढ़ में सर्दी का असर तेज़ होता जा रहा है। वातावरण में नमी का स्तर लगातार घट रहा है और उत्तर से आने वाली ठंडी हवाओं की रफ्तार बढ़ गई है। इसका असर तापमान पर साफ दिखाई दे रहा है, जिससे प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तापमान में गिरावट हो रही है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि आने वाले पांच दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट दर्ज की जा सकती है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, एक पश्चिमी विक्षोभ 32 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 71 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित है, जो समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर मध्य क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में द्रोणिका के रूप में उपस्थित है। इसके प्रभाव से प्रदेश में रविवार को मौसम शुष्क रहने की संभावना है। शनिवार को भी प्रदेश में मौसम शुष्क रहा, जिसमें सुकमा का अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस और अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

पिछले 30 वर्षों के मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न शहरों में अधिकतम तापमान में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। जगदलपुर में यह सामान्य से 1.3 डिग्री अधिक, रायपुर में 0.9 डिग्री, दुर्ग में 0.6 डिग्री और अंबिकापुर में 0.4 डिग्री सेल्सियस ऊपर है। इसके विपरीत, पेंड्रा रोड में यह 0.6 डिग्री और बिलासपुर में 0.7 डिग्री सेल्सियस कम है।

न्यूनतम तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट देखी जा रही है। जगदलपुर में न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.9 डिग्री सेल्सियस अधिक है, जबकि अंबिकापुर में यह सामान्य से 3.3 डिग्री, दुर्ग में 3.4 डिग्री, और पेंड्रा रोड में 1.2 डिग्री सेल्सियस कम है। वहीं, रायपुर और बिलासपुर में यह सामान्य से 0.7 डिग्री सेल्सियस तक नीचे दर्ज किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में ठंडी हवाओं का प्रभाव अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा। इसके चलते तापमान में और गिरावट होने की संभावना है, जिससे सर्दी का असर और अधिक महसूस होगा। लोगों को सलाह दी गई है कि वे ठंड से बचाव के उपाय करें और खासकर सुबह-शाम के समय गर्म कपड़े पहनें।

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