रायपुर : छत्तीसगढ़ सौर ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। सरकार ने मार्च 2027 तक 5 लाख घरों को सोलर पैनल से जोड़ने का लक्ष्य रखा है।

रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ सोलर वेलफेयर एसोसिएशन के दो दिवसीय ‘संवाद’ कार्यक्रम के समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने यह बात कही।

अब तक 95 हजार घरों में लगे सोलर पैनल

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को प्रदेश में अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। अब तक करीब 95 हजार घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं

उन्होंने कहा कि इस योजना से आम परिवार केवल बिजली उपभोक्ता नहीं, बल्कि बिजली उत्पादन में भी भागीदार बन सकते हैं। मार्च 2027 तक 5 लाख घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लक्ष्य को पूरा करने में सोलर कंपनियों, वेंडर्स, बैंकों और आम नागरिकों की अहम भूमिका होगी।

1 किलोवाट सोलर पर 45 हजार तक की सब्सिडी

मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट लगाने पर केंद्र सरकार की ओर से 30 हजार रुपये और राज्य सरकार की ओर से 15 हजार रुपये की सब्सिडी दी जा रही है।

वहीं 3 किलोवाट क्षमता के संयंत्र पर करीब 1.08 लाख रुपये की सब्सिडी उपलब्ध है। डीएमएफ वाले क्षेत्रों में अनुदान की अंतर राशि डीएमएफ से उपलब्ध कराने का भी प्रावधान किया गया है।

4 हजार मेगावाट ग्रीन एनर्जी का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में पहले से मजबूत है। प्रदेश में फिलहाल करीब 30 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। ऊर्जा क्षेत्र में करीब 3.50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं, जिनसे भविष्य में लगभग 30 हजार मेगावाट अतिरिक्त उत्पादन क्षमता विकसित होने की संभावना है।

इसके साथ ही प्रदेश में 4 हजार मेगावाट ग्रीन एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देकर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण और भारत के नेट-जीरो लक्ष्य में भी योगदान देगा।

सौर ऊर्जा से महिलाओं को रोजगार का मौका

सौर ऊर्जा का विस्तार अब महिला स्व-सहायता समूहों के लिए भी रोजगार का नया माध्यम बन रहा है। प्रदेश की महिलाएं सोलर वेंडर के तौर पर काम कर रही हैं और लोगों के घरों में सोलर संयंत्र लगाने में भूमिका निभा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने महिला वेंडरों से बातचीत कर उनके काम की जानकारी ली और उनके प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में 2.82 लाख स्व-सहायता समूहों से 30 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं, जबकि 13 लाख से ज्यादा महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। सौर ऊर्जा जैसे नए क्षेत्रों से महिलाओं को जोड़कर रोजगार और आय के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

सिंचाई में भी सौर ऊर्जा का बढ़ रहा इस्तेमाल

कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सूर्य ऊर्जा का बड़ा प्राकृतिक स्रोत है और इसका ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में करीब ढाई लाख सिंचाई पंपों को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत किया जा चुका है।

उन्होंने कृषि और सिंचाई क्षेत्र में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को और बढ़ाने की जरूरत बताई। इससे किसानों के ऊर्जा खर्च को कम करने में मदद मिल सकती है।

सोलर कंपनियों के स्टॉल देखे, उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने ऑडिटोरियम परिसर में लगाए गए सोलर उद्योगों के स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने सोलर पैनल, उपकरणों और नई तकनीकों की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा क्षेत्र में बेहतर काम करने वाली संस्थाओं, बैंकों और व्यक्तियों को सम्मानित किया। इस दौरान छत्तीसगढ़ सोलर वेलफेयर एसोसिएशन की डायरेक्टरी का विमोचन भी किया गया।

कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर, सोलर वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी, सोलर उद्योगों से जुड़े लोग, बैंक अधिकारी, महिला समूहों की सदस्य और नागरिक मौजूद रहे।

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