रायपुर, लगातार बारिश के बाद प्रदेश में क्षतिग्रस्त हुई सड़कों और पुल-पुलियों की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जहां भी सड़क या पुल को नुकसान पहुंचा है, वहां तत्काल सुधार कराया जाए और लोगों की आवाजाही बाधित न हो। मामूली क्षति वाले हिस्सों को संबंधित एजेंसी या ठेकेदार के जरिए तुरंत ठीक कराने को कहा गया है।
24 से 26 सितंबर के बीच हुई लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई नदी-नालों में बाढ़ की स्थिति बनी। कई स्थानों पर पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहा। पानी उतरने के बाद सामने आ रही क्षति का आकलन करने के लिए PWD के मैदानी अमले को सक्रिय कर दिया गया है। मुख्य अभियंता से लेकर उप अभियंता तक के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त मार्गों का निरीक्षण कर जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
फोटो-वीडियो से होगा नुकसान का आकलन
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने सभी मैदानी अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों और पुल-पुलियों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराने को कहा है। इसके आधार पर नुकसान का आकलन कर संभावित लागत की जानकारी तैयार की जाएगी। मौजूदा अनुबंध के तहत जिन कार्यों को संबंधित एजेंसी या ठेकेदार से कराया जा सकता है, उन्हें बिना देरी शुरू कराने के निर्देश हैं।
वहीं, जिन सड़कों और पुलों को दोबारा बनाने या विशेष मरम्मत की जरूरत है, उनके प्राक्कलन सक्षम अधिकारियों को 10 दिन के भीतर भेजने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि विशेष मरम्मत के लिए जरूरी राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
15 दिन में स्वीकृति जारी करने के निर्देश
सड़कों और पुलों की मरम्मत से जुड़े एस/आर (एफडीआर) की स्वीकृति भी प्राथमिकता से जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। सक्षम अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी करने और राशि के आवंटन से जुड़ी जानकारी परिक्षेत्रवार प्रमुख अभियंता कार्यालय को भेजने को कहा गया है।
अस्थायी नहीं, स्थायी सुधार पर जोर
PWD ने अधिकारियों से कहा है कि एफडीआर से क्षतिग्रस्त सड़कों का सुधार केवल अस्थायी तौर पर न किया जाए। जरूरत के अनुसार टो-वॉल और कांक्रीट रोड के प्रस्ताव तैयार कर स्थायी समाधान पर काम किया जाए। पुलों के वियरिंग कांक्रीट, रेलिंग और अन्य क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत भी जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देश के बाद विभाग ने बारिश प्रभावित सड़कों और पुल-पुलियों को जल्द सुरक्षित और आवागमन योग्य बनाने पर फोकस किया है। विभागीय अमले और संबंधित ठेकेदारों को मौके पर सक्रिय कर मरम्मत और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।