रायपुर : राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रदेशवासियों से स्वदेशी और हथकरघा उत्पादों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों का उपयोग न केवल बुनकरों की आजीविका को मजबूत करता है, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मंत्री ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के बुनकरों द्वारा निर्मित पारंपरिक गमछा धारण कर उनकी कला और शिल्प परंपरा का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परिधान नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और श्रम का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल‘ अभियान को मजबूत बनाने के लिए नागरिकों को दैनिक जीवन में अधिक से अधिक हथकरघा उत्पादों का उपयोग करना चाहिए। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान मिलेगा।
मंत्री ने लोगों से राष्ट्रीय हथकरघा दिवस अभियान के तहत अपने पसंदीदा हथकरघा उत्पाद के साथ फोटो या वीडियो साझा करने की भी अपील की, ताकि छत्तीसगढ़ के बुनकरों की कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।