रायपुर : सड़कों और पुलों के निर्माण में लगातार देरी और काम पूरा करने में रुचि नहीं लेने वाले ठेकेदारों पर लोक निर्माण विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने बस्तर संभाग में निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति को गंभीरता से लेते हुए 6 ठेकेदारों के पंजीयन का नवीनीकरण रोक दिया है, जबकि इनमें से 2 ठेकेदारों के पंजीयन निरस्त भी कर दिए गए हैं।
विभाग के मुताबिक, संबंधित ठेकेदारों को काम में तेजी लाने के लिए कई बार नोटिस दिए गए थे। अनुबंध की अवधि बढ़ाने और ठेकेदारों की ओर से शपथ पत्र दिए जाने के बावजूद निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए इन्हें ब्लैकलिस्ट करने का फैसला लिया।
जिन ठेकेदारों पर कार्रवाई हुई है, उनमें के. मोहन रेड्डी, मेसर्स शांति विजय कन्सट्रक्शन, मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा., मेसर्स राघवा कन्सट्रक्शन, मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर और मेसर्स पंकज हालदार शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग ने इन सभी के पंजीयन के नवीनीकरण पर रोक लगाई है। वहीं के. मोहन रेड्डी और मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा. का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है।
इन सड़कों के काम में हुई देरी: सुकमा जिले में चिंतलनार-मरियागुड़म और कोंटा-गोलापल्ली मार्ग का काम कर रहे मेसर्स राघवा कन्सट्रक्शन के पंजीयन को 5 साल तक रिन्यू नहीं किया जाएगा। नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा मार्ग का निर्माण कर रही मेसर्स शांति विजय कन्सट्रक्शन पर भी 5 साल के लिए यही कार्रवाई की गई है।
वहीं चिंतलनार-मरियागुड़म मार्ग का काम कर रहे मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा. और भेज्जी-चिंतागुफा व चिंतलनार-मरियागुड़म सड़क का निर्माण कर रहे के. मोहन रेड्डी का पंजीयन निरस्त करते हुए 5 साल तक नवीनीकरण पर रोक लगाई गई है। कोंटा-गोलापल्ली मार्ग पर काम कर रहे मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर का पंजीयन 2 साल और नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा मार्ग पर पुल-पुलिया का काम कर रहे मेसर्स पंकज हालदार का पंजीयन 5 साल तक रिन्यू नहीं होगा।
लोक निर्माण विभाग ने साफ किया है कि सड़क और पुल जैसे जनसुविधा से जुड़े कामों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्माण कार्य समय पर पूरे नहीं होने से आम लोगों को होने वाली परेशानी को देखते हुए विभाग ने यह कार्रवाई की है। राज्य शासन ने इन फैसलों को लेकर बिलासपुर हाईकोर्ट में कैविएट भी दायर की है।