3165 जरूरतमंदों को मुफ्त चश्मे और 800 लोगों को दवाइयां मिलीं, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किया शिविर का अवलोकन
रायगढ़ जिले के पुसौर में ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल के तहत विशाल निःशुल्क नेत्र जांच शिविर लगाया गया। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित शिविर में जिले के अलग-अलग गांवों से पहुंचे 3493 लोगों की आंखों की जांच की गई। जांच के बाद 3165 जरूरतमंदों को निःशुल्क चश्मे और करीब 800 लोगों को दवाइयां वितरित की गईं।
लोगों की सुविधा के लिए शिविर में 14 पंजीयन काउंटर बनाए गए थे। महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग पंजीयन की व्यवस्था रही। 10 से अधिक नेत्र विशेषज्ञों और 38 नेत्र सहायकों ने जांच में सेवाएं दीं। एनएसएस और स्काउट-गाइड के विद्यार्थियों ने भी वालंटियर के रूप में पंजीयन, जांच और चश्मा वितरण में सहयोग किया। शिविर में पेयजल, भोजन, स्वल्पाहार और छाया की व्यवस्था भी की गई थी।
वित्त मंत्री ने हितग्राहियों को पहनाए चश्मे
वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने शिविर का निरीक्षण कर नेत्र जांच और स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने महात्मा गांधी और मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने हितग्राहियों को अपने हाथों से चश्मे पहनाए और पांच लोगों को आयुष्मान कार्ड भी वितरित किए।
मंत्री ने कहा कि आंखों की समय-समय पर जांच कराना जरूरी है। खासकर बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्या का समय पर पता चलना उनकी पढ़ाई के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बीमारी के लक्षणों का इंतजार करने के बजाय नियमित स्वास्थ्य जांच की आदत विकसित करनी चाहिए। आंखों और दांतों के साथ शरीर के अन्य स्वास्थ्य परीक्षणों को लेकर भी जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि ‘सेवा मेरा योगदान’ का उद्देश्य सेवा को केवल उत्सव तक सीमित रखने के बजाय जरूरतमंद लोगों तक सुविधाएं पहुंचाने का माध्यम बनाना है। उन्होंने शिविर में सेवाएं देने वाले चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, नेत्र सहायकों, एनएसएस और स्काउट-गाइड के विद्यार्थियों तथा प्रशासनिक अमले की सराहना की। चिकित्सकों को प्रशस्ति पत्र और शॉल भेंटकर सम्मानित किया गया। वन विभाग की ओर से लोगों को पीपल के पौधे भी वितरित किए गए।
550 से अधिक पंचायतों से लोगों को लाने की व्यवस्था
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि शिविर के लिए पिछले सात दिनों से ग्राम पंचायतों में प्रचार किया गया था। जिले की 550 से अधिक ग्राम पंचायतों से लोगों को शिविर तक लाने के लिए वाहनों की व्यवस्था की गई। निजी चिकित्सकों को भी शिविर से जोड़ा गया।
उन्होंने बताया कि जिले के शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 45 हजार बच्चों की नेत्र जांच भी की जा रही है। उन्होंने पालकों से बच्चों की पढ़ाई और स्कूल से जुड़ी समस्याओं को लेकर नियमित बातचीत करने की अपील की।
ग्रामीणों को एक ही जगह मिली जांच और चश्मे की सुविधा
शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने एक ही स्थान पर नेत्र जांच, चिकित्सकीय सलाह और चश्मा मिलने की सुविधा को उपयोगी बताया। झारमुड़ा की सतरूपा पटेल ने बताया कि उन्हें दूर की चीजें देखने में परेशानी थी, लेकिन जांच नहीं करा पा रही थीं। वहीं बायंग की योगिता महंत ने कंप्यूटर पर काम करने के दौरान होने वाली परेशानी के बारे में बताया। बुनगा की पार्वती मैत्री ने भी शिविर में जांच और चश्मे की सुविधा मिलने पर खुशी जताई।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक विजय अग्रवाल, नगर पंचायत अध्यक्ष मानी मोहित सतपथी, जनपद पंचायत अध्यक्ष हेमलता चौहान, जिला पंचायत सदस्य बृजेश गुप्ता सहित जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, चिकित्सक, एनएसएस और स्काउट-गाइड के विद्यार्थी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।