रायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने मंगलवार को रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित लोक निर्माण विभाग की राज्य स्तरीय कार्यशाला ‘निर्माण मंथन’ में प्रदेशभर के अभियंताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कार्यालय से लेकर फील्ड तक सक्रिय रहकर काम करने और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एक दिवसीय कार्यशाला में सड़क, पुल और भवन निर्माण से जुड़े तकनीकी पहलुओं, गुणवत्ता नियंत्रण, सर्वेक्षण, प्राक्कलन, निविदा प्रक्रिया और रखरखाव पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के अभियंता विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के शिल्पकार हैं। अधोसंरचना को मजबूत बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग प्रदेश के विकास का ग्रोथ इंजन है और राज्य गठन के बाद पिछले 26 वर्षों में छत्तीसगढ़ में हुए विकास में विभाग का अहम योगदान रहा है। उन्होंने अभियंताओं से अपनी क्षमता और दक्षता का बेहतर उपयोग करते हुए नई तकनीकों एवं आधुनिक मशीनरी को अपनाने और समय के साथ खुद को अपडेट करने का आह्वान किया।
अरुण साव ने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। निर्धारित मानकों और तकनीकी मापदंडों का गंभीरता से पालन किया जाए। खराब या त्रुटिपूर्ण निर्माण से पूरे विभाग की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है। इसलिए अभियंता केवल पुराने तरीकों पर निर्भर न रहें, बल्कि अपने अनुभव, तकनीकी ज्ञान और नवाचार के माध्यम से बेहतर कार्य करें। उन्होंने कहा कि कार्यालयीन कामकाज के साथ निर्माण स्थलों पर भी नियमित निगरानी रखी जाए, ताकि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे हो सकें।
लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने अधिकारियों को सकारात्मक सोच और टीम वर्क के साथ काम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में मिली तकनीकी जानकारियों को वास्तविक निर्माण कार्यों में लागू किया जाना चाहिए। अभियंता बेहतर निर्माण कार्यों का अध्ययन करें और नई तकनीकों एवं बेस्ट प्रैक्टिस को अपनाएं। उन्होंने ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों के साथ किए गए अनुबंधों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ब्लैक स्पॉट को दूर करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फील्ड और फाइल दोनों का काम व्यवस्थित और दुरुस्त रहना चाहिए।
विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी ने निर्माण सामग्री और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित जांच पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग ने सड़कों की परफॉर्मेंस गारंटी अवधि तीन वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष कर दी है। उन्होंने अभियंताओं से कहा कि निर्माण सामग्री और कार्यों का तकनीकी परीक्षण करने के बाद ही ठेकेदारों को भुगतान किया जाए। कंसल्टेंट और निर्माण एजेंसियों पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय अधिकारी स्वयं भी गुणवत्ता की जांच करें। उन्होंने सड़कों की मजबूती के लिए फ्लाई ऐश के उचित उपयोग की जानकारी भी दी।
कार्यशाला में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के विशेषज्ञों और वरिष्ठ अभियंताओं ने विभिन्न तकनीकी विषयों पर प्रशिक्षण दिया। इसमें रोलर कॉम्पैक्टेड कंक्रीट, व्हाइट टॉप कंक्रीट, फ्लेक्सिबल पेवमेंट, पुल निर्माण, भवन निर्माण एवं रखरखाव, गुणवत्ता नियंत्रण, सर्वेक्षण और प्राक्कलन जैसे विषय शामिल रहे। इसके अलावा निविदा दस्तावेज तैयार करने, वर्क्स एंड अकाउंट्स मॉनिटरिंग इंटीग्रेटेड सिस्टम (WAMIS), गवर्नमेंट ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम (GePNIC) और पंजीयन प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। प्रशिक्षण में मुख्य अभियंता से लेकर उप अभियंता तक प्रदेशभर के अधिकारी शामिल हुए।