रायपुर : छत्तीसगढ़ ने देश के महत्वपूर्ण और सामरिक खनिज क्षेत्र में अपनी भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। राजधानी रायपुर में सोमवार को महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी की 8वीं श्रृंखला को लेकर रोड शो आयोजित किया गया। इसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे समेत केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि और निवेशक शामिल हुए।

रोड शो में छत्तीसगढ़ के पांच खनिज ब्लॉकों को नीलामी की 8वीं श्रृंखला में शामिल किए जाने की जानकारी दी गई। इस श्रृंखला में देश के नौ राज्यों के कुल 20 ब्लॉक शामिल हैं, जिनमें 17 समग्र लाइसेंस और 3 खनन पट्टा ब्लॉक हैं। इन ब्लॉकों में ग्रेफाइट, दुर्लभ मृदा तत्व, वैनेडियम, गैलियम, टाइटेनियम, मोलिब्डेनम, टंगस्टन, पोटाश और फॉस्फोराइट समेत कई महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पास खनिज संसाधनों का बड़ा भंडार है और देश के औद्योगिक विकास में राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने खनिज संसाधनों के तेजी से विकास के लिए निवेश बढ़ाने और केंद्र तथा राज्य के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को राज्य सरकार की ओर से जरूरी सहयोग और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिलाया।

केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि महत्वपूर्ण और सामरिक खनिज देश की आर्थिक प्रगति, उद्योग, स्वच्छ ऊर्जा और नई तकनीकों के लिए बेहद अहम हैं। उन्होंने कहा कि इन खनिजों की खोज और विकास में तेजी लाने के साथ निजी क्षेत्र और निवेशकों की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है। घरेलू स्तर पर खनिजों की पूरी वैल्यू चेन विकसित होने से देश की खनिज सुरक्षा मजबूत होगी और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी गति मिलेगी।

आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने छत्तीसगढ़ के मजबूत खनन और औद्योगिक आधार का जिक्र करते हुए कहा कि महत्वपूर्ण खनिजों में निवेश से नए औद्योगिक केंद्र विकसित हो सकते हैं। इससे बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक अवसर भी बढ़ेंगे।

रोड शो में खान मंत्रालय के सचिव केशव चंद्र ने बताया कि अब तक पेश किए गए 88 महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज ब्लॉकों में से 56 की सफलतापूर्वक नीलामी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी नीलामी और नीतिगत सुधारों के जरिए देश के महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र को मजबूत किया जा रहा है।

सीएमडीसी के अध्यक्ष सौरभ सिंह ने निवेशकों से छत्तीसगढ़ की खनिज क्षमता में संभावनाएं तलाशने की अपील की। उन्होंने राज्य में पारदर्शी खनन प्रक्रिया, तकनीक आधारित निगरानी और तेजी से परिचालन पर जोर दिया। कार्यक्रम में टिन संसाधनों से जुड़े प्रयासों और आदिवासी टिन संग्राहकों तक लाभ पहुंचाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की भी जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में संभावित बोलीदाताओं को नीलामी प्रक्रिया, खनिज ब्लॉकों की संभावनाओं, निविदा दस्तावेज और ई-नीलामी से जुड़ी जानकारी दी गई। इसके बाद निवेशकों और अधिकारियों के बीच सवाल-जवाब का दौर हुआ, जिसमें नीलामी प्रक्रिया और ब्लॉकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर स्पष्टीकरण दिया गया।

रोड शो के बाद खान मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में खनिज ब्लॉक आवंटियों और पसंदीदा बोलीदाताओं के साथ समीक्षा बैठक भी हुई। इसमें आवंटित ब्लॉकों को जल्द शुरू करने, परियोजनाओं में आ रही चुनौतियों और उनके समयबद्ध समाधान पर चर्चा की गई। सरकार का फोकस अब नीलामी के बाद ब्लॉकों का तेजी से संचालन शुरू कराने और देश में महत्वपूर्ण खनिजों का घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *