रायपुर : महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखंड के ग्राम पंचायत टेका के आश्रित गांव सेवैयाकला में ‘हर घर जल’ योजना ने ग्रामीणों की जिंदगी आसान कर दी है। जून में गांव ने ‘हर घर जल’ का लक्ष्य हासिल किया और अब सभी 185 घरों में नियमित नल से स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। पानी के लिए महिलाओं की लंबी कतारें और बच्चों के हाथों में बाल्टियां अब बीते दिनों की बात हो गई है।
गांव की देविका साहू बताती हैं कि पहले पानी लाने में गर्मियों के दौरान आधा दिन तक निकल जाता था, लेकिन अब घर में नल खुलते ही पानी उपलब्ध हो जाता है। इससे महिलाओं का समय और मेहनत बच रही है, वहीं बच्चों को पानी ढोने के बजाय पढ़ाई के लिए अधिक समय मिल रहा है।
81.52 लाख की लागत से बनी जलापूर्ति व्यवस्था
जल जीवन मिशन के तहत गांव में 81 लाख 52 हजार रुपए की लागत से जलापूर्ति व्यवस्था विकसित की गई है। इसके तहत 40 किलोलीटर क्षमता की ऊंची पानी टंकी और 3,825 मीटर लंबी पाइपलाइन का निर्माण कर प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन पहुंचाया गया है। प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र को भी इस व्यवस्था से जोड़ा गया है।
ग्रामीणों ने संभाली व्यवस्था की जिम्मेदारी
योजना के संचालन और रखरखाव के लिए ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति गठित की गई है। जलापूर्ति व्यवस्था के संचालन-संधारण के लिए प्रत्येक परिवार 60 रुपए प्रतिमाह योगदान दे रहा है। वहीं मिथिलेश बसंत प्रतिदिन निर्धारित समय पर पंप संचालन कर पूरे गांव में जलापूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं।
सेवैयाकला की कहानी बताती है कि विकास का असर केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि लोगों की बदली हुई दिनचर्या में दिखाई देता है। घर-घर नल से पानी पहुंचने से ग्रामीणों को सुविधा के साथ स्वास्थ्य, समय और सम्मान का नया भरोसा मिला है।