दुर्ग में राहत शिविरों का जायजा लिया, भरदा में नाली निर्माण और फसल क्षति सर्वे के निर्देश
दुर्ग में शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद गणेश विसर्जन की व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव शनिवार को शिवनाथ नदी स्थित गणेश विसर्जन स्थल पहुंचे और जलस्तर के साथ सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। उनके साथ कलेक्टर अभिजीत सिंह और एसएसपी विजय अग्रवाल भी मौजूद रहे।
जलस्तर बढ़ने और छोटे पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण पिछली रात से विसर्जन प्रक्रिया रोक दी गई है। मंत्री ने लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और जलस्तर कम होने तक सावधानी बरतने की अपील की। प्रशासन ने बताया कि स्थिति सामान्य होने पर निगरानी के बीच विसर्जन फिर शुरू कराया जाएगा। मौके पर एसडीआरएफ, स्थानीय नाविक और पुलिस-प्रशासन की टीम तैनात है।
राहत शिविर में 48 लोगों से मिले
मंत्री यादव पुलगांव के वार्ड क्रमांक 55 स्थित कोसरिया यादव समाज के सामुदायिक भवन में बनाए गए राहत शिविर भी पहुंचे। यहां महिलाओं, पुरुषों और बच्चों समेत 48 लोग ठहरे हुए हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर भोजन, पेयजल, रोशनी और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को शिविर में जरूरी सुविधाएं लगातार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए और जलस्तर कम होने के बाद ही लोगों को घर लौटने की सलाह दी।
राहत शिविर में रह रहे लोगों की पट्टे की मांग पर मंत्री ने गोकुल नगर की घास भूमि को आवास के लिए आवंटित कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद उन्होंने ग्राम भरदा के स्कूल में बनाए गए राहत शिविर का निरीक्षण किया। यहां तांदुला और शिवनाथ नदी किनारे ईंट भट्ठों और सब्जी बाड़ियों में काम करने वाले 210 लोगों को सुरक्षित निकालकर ठहराया गया है।
भरदा में नाली निर्माण, फसल नुकसान का सर्वे
ग्राम भरदा में सरपंच और ग्रामीणों से चर्चा के दौरान वार्ड क्रमांक 12 में नाली निर्माण की मांग सामने आई। मंत्री ने कलेक्टर को वीबी-जी-राम-जी के तहत नाली निर्माण कार्य की स्वीकृति देने के निर्देश दिए। किसानों की मांग पर उन्होंने फसल क्षति का सर्वे कराने की बात भी कही।
ग्राम चंगोरी में शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़ने से गांव की ओर पानी भरने की सूचना पर मंत्री ने कलेक्टर और एसएसपी को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों को मौके की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा।