छत्तीसगढ़ में गर्मी के मौसम ने विकराल रूप धारण कर लिया है। तापमान में निरंतर हो रही वृद्धि के कारण राज्य शासन ने संभावित लू (हीट स्ट्रोक) की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए समस्त जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। साथ ही, आम नागरिकों से भीषण गर्मी के इस मौसम में सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

CG News: शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देश

शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में बताया गया है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। यदि बाहर जाना आवश्यक हो तो सिर और कान को सूती कपड़े से अच्छी तरह ढंककर निकलें। हल्के, ढीले और सूती वस्त्र पहनें। दिनभर अधिक मात्रा में पानी पीएं, यहां तक कि प्यास न लगने पर भी। कच्चे आम का पना, जलजीरा, नींबू पानी, लस्सी व मठा जैसे तरल पदार्थों का सेवन करें। बच्चे, वृद्धजन, गर्भवती महिलाएं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को विशेष रूप से इस गर्मी में सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

लू के लक्षणों की जांच अनिवार्य

शासन ने अस्पतालों में इनके लिए प्राथमिकता से उपचार की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। राज्य शासन ने सभी शासकीय अस्पतालों, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देशित किया है कि लू से पीड़ित मरीजों के लिए कम से कम दो बिस्तर आरक्षित रखें।

ओपीडी में आने वाले मरीजों की स्क्रीनिंग के दौरान लू के लक्षणों की जांच अनिवार्य रूप से की जाए। प्रत्येक अस्पताल में ठंडे पेयजल की व्यवस्था, कूलर या पंखे की सुविधा और बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, सभी मरीजों को लू से बचाव की जानकारी दी जाए।

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