नगर निगम चुनाव मामले में इस वक्त की बड़ी खबर है कि कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी विजय गोलछा का नामांकन रद्द कर दिया गया है। इस मामले में लगभग डेढ़ घंटे तक बहस के बाद फैसला सामने आया है। फैसला आते ही कांग्रेसियों में नाराजगी और आक्रोश दोनों देखने को मिली।

ज्ञात हो कि नगर निगम के लिए कांग्रेस से महापौर प्रत्याशी के रूप में विजय गोलछा को अधिकृत किया गया था। 29 जनवरी को स्क्रुटनी के दौरान भाजपा के कविंद्र जैन ने आपत्ति लगाई थी कि वह निगम में ठेकेदार के रूप में लाभ ले रहे हैं। इस मामले में 30 जनवरी को कांग्रेस और भाजपा दोनों के अधिवक्ताओं ने अपना-अपना पक्ष रखा। लगभग डेढ़ घंटे तक रिटर्निंग अधिकारी के कमरे में बहस चली।इसके बाद फैसला आया। फैसले में बताया गया कि 2 साल का अनुबंध और लाभ ले सकते थे इस वजह से उनका फॉर्म निरस्त किया जाता है। फैसला आते ही कांग्रेस में मायूसी छा गई है और आक्रोश भी देखने को मिला है।

इसके पहले धमतरी विधायक ओंकार साहू रिटर्निंग अधिकारी के कमरे के सामने जमीन पर बैठ गए थे। उनका कहना है था कि वह चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं। बहस की सुनवाई के दौरान उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया। फैसला आते तक वह अपने समर्थकों के साथ बाहर बैठे रहे। अब इस फैसले के बाद भाजपायों में जमकर उत्साह देखा जा रहा है। लगभग वॉक ओवर मान के चला जा रहा है। हालांकि अभी भाजपा के अलावा 11 और प्रत्याशी हैं। अब देखना होगा कि कांग्रेस अपना समर्थन किस प्रत्याशी को देती है। एक तिलक सोनकर ने भी कांग्रेस से अपना नामांकन दाखिल किया है। फैसला आते ही कांग्रेस जिला अध्यक्ष के चेंबर में महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई। अब देखना होगा कि कांग्रेस का आगे का रुख क्या होता है। समाचार लिखे जाने तक दो पार्षद प्रत्याशियों की आपत्ति पर बहस चल रही थी।

इस संबंध में कांग्रेस पक्ष से अधिवक्ता अमरचंद जैन ने कहा कि हमने अपना पूरा पक्ष रखा था की एग्रीमेंट में कोई डेट नहीं है। लेकिन जो प्रतिवेदन मंगाया गया था उसमें बताया गया कि 2 साल का मेंटेनेंस बाकी है इस आधार पर निरस्त का फैसला आया। आगे अब इसमें कोई प्रक्रिया नहीं है।

इस मामले में निर्वाचन आयोग संपर्क समिति के प्रदेश संयोजक डॉ विजय शंकर मिश्रा ने बताया कि लगभग डेढ़ घंटे तक बहस चली। आपत्ति पर पूरा पक्ष रखा आगे विजय गोलछा का 2 साल का मेंटेनेंस भी था। इस पर रिटर्निंग अधिकारी ने निरस्त का फैसला दिया है इसमें आगे रिटर्निंग अधिकारी पर निर्भर करता है कि वह आगे क्या स्टेप उठा सकती है।

 

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