रायपुर : सुकमा जिले में जिला प्रशासन की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से दो बाल विवाह समय रहते रोक दिए गए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चल रहे बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत यह कार्रवाई फूलबगड़ी गांव के कवासीपारा में मूसलाधार बारिश के बीच की गई।
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 से सूचना मिलने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड लाइन और पुलिस की संयुक्त टीम तत्काल गांव पहुंची। मौके पर विवाह की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन अधिकारियों ने परिवारों से शांतिपूर्वक संवाद कर बाल विवाह के कानूनी और सामाजिक दुष्परिणामों की जानकारी दी।
प्रशासन की समझाइश के बाद दोनों परिवारों ने बाल विवाह स्थगित करने पर सहमति जताई। वहीं दोनों बालिकाओं ने अपनी पढ़ाई जारी रखने और भविष्य संवारने की इच्छा व्यक्त की। कार्रवाई के दौरान पंचनामा और घोषणा-पत्र तैयार कर पूरी प्रक्रिया को कानूनी रूप से भी सुनिश्चित किया गया।
जिला प्रशासन ने कहा कि समय पर मिली सूचना, संवेदनशील हस्तक्षेप और जनजागरूकता के माध्यम से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को रोका जा सकता है। यह पहल बच्चों के सुरक्षित, शिक्षित और बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।