रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के द्वितीय बैच के 36 युवा प्रतिभागियों से रायपुर स्थित निवास कार्यालय में संवाद किया। इस दौरान उन्होंने अपने छात्र जीवन, संघर्ष और जनसेवा के अनुभव साझा करते हुए युवाओं को निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को शासन की कार्यप्रणाली समझने के साथ अपने ज्ञान, कौशल और नए विचारों का उपयोग जनकल्याण के लिए करना चाहिए। जिलों में काम करते समय स्थानीय जरूरतों को समझकर आंकड़ों और जमीनी अनुभव के आधार पर योजनाओं को बेहतर बनाने के सुझाव देने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ भी विकसित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
शिक्षा, कौशल और रोजगार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश के 30 आईटीआई का उन्नयन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले लगभग ढाई वर्षों में 700 से अधिक रोजगार मेलों के माध्यम से करीब 24 हजार युवाओं को रोजगार मिला है। सरकार का लक्ष्य निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलकर प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।
AI मिशन से आधुनिक तकनीक में दक्ष होंगे युवा
मुख्यमंत्री ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन के लिए बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत छह लाख विद्यार्थियों को एआई की शिक्षा देने और लगभग डेढ़ हजार अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि युवाओं को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप तैयार करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
आईआईएम रायपुर में प्रशिक्षण, जिलों में मिलेगा मैदानी अनुभव
सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत ने बताया कि फेलोशिप के द्वितीय बैच में इंजीनियरिंग, विज्ञान, प्रबंधन, गणित, वाणिज्य और अर्थशास्त्र सहित विभिन्न विषयों के 36 युवाओं का चयन किया गया है। दो वर्षीय कार्यक्रम में पांच माह का अध्ययन एवं प्रशिक्षण और 19 माह का मैदानी अनुभव शामिल है। शुरुआती तीन माह आईआईएम रायपुर में प्रशिक्षण के बाद युवा जिला प्रशासन के साथ काम कर सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को समझेंगे।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करने और जनकल्याण को कार्य का उद्देश्य बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं के ज्ञान, ऊर्जा और नवाचार से प्रदेश के विकास को नई दिशा मिल सकती है। कार्यक्रम में आईआईएम रायपुर के निदेशक प्रोफेसर संजीव पराशर, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अधिकारी और अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे।