रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण की आकांक्षा को जनभावना से जोड़ने और समाज को एकजुट करने में अशोक सिंघल का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि सिंघल का पूरा जीवन भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय स्वाभिमान को मजबूत करने के लिए समर्पित रहा।
मुख्यमंत्री रविवार को रायपुर के वीआईपी रोड स्थित निरंजन धर्मशाला में अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित समारोह में शामिल हुए। उन्होंने सिंघल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके सामाजिक व सांस्कृतिक योगदान को याद किया।
सीएम साय ने कहा कि अशोक सिंघल कुशल संगठनकर्ता थे और समाज की सामूहिक शक्ति में उनका गहरा विश्वास था। उन्होंने विभिन्न वर्गों को जोड़ने और भारतीय संस्कृति व जीवन मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए लंबे समय तक काम किया। अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण की यात्रा में उनका योगदान एक महत्वपूर्ण अध्याय है।
छत्तीसगढ़ से रहा श्रीराम का गहरा संबंध
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम और छत्तीसगढ़ का रिश्ता केवल आस्था तक सीमित नहीं है। यह माता कौशल्या की भूमि और श्रीराम का ननिहाल है। वनवास के दौरान भी श्रीराम ने छत्तीसगढ़ की धरती पर लंबा समय बिताया। शिवरीनारायण सहित प्रदेश के कई स्थान रामायणकालीन स्मृतियों और जनआस्था से जुड़े हैं।
उन्होंने कहा कि इसी भावनात्मक जुड़ाव के कारण अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का अवसर छत्तीसगढ़ के लिए भी विशेष रहा। प्रदेशवासियों ने अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए 11 ट्रक सुगंधित चावल अयोध्या भेजे थे।
50 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे अयोध्या
सीएम साय ने कहा कि प्रदेशवासियों की आस्था को ध्यान में रखते हुए सरकार ने श्री रामलला दर्शन योजना शुरू की है। इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में रामलला के दर्शन का अवसर मिल रहा है। अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु इस योजना के जरिए अयोध्या पहुंच चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अशोक सिंघल का जन्म शताब्दी वर्ष नई पीढ़ी को उनके जीवन और विचारों से परिचित कराने का अवसर है। उनका जीवन दृढ़ संकल्प, संगठन और समाज के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। तीन दिवसीय जन्म शताब्दी समारोह की शुरुआत छत्तीसगढ़ से होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। कार्यक्रम में संतों, देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया।