रायपुर, सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रदेश में शुक्रवार से शुरू हुई ‘आंगन मिलन सेवा’ के पहले दिन आंगनबाड़ी केंद्रों में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। प्रदेशभर में 2,262 स्थानों पर कुल 12,698 गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें 97,471 लोगों ने सहभागिता की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुंगेली जिले के मदकू में आयोजित आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में शामिल होकर माताओं और बच्चों के पोषण का संदेश दिया।
पोषण और मातृ स्वास्थ्य पर हुआ संवाद
आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती माताओं का स्वागत किया गया। इस दौरान स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों, दालों और हरी सब्जियों का प्रदर्शन कर परिवारों को संतुलित एवं पौष्टिक भोजन के महत्व की जानकारी दी गई।
कार्यक्रमों में ‘सुपोषित थाली’ के माध्यम से महिलाओं को रोजमर्रा के भोजन में विभिन्न खाद्य पदार्थों को शामिल करने और माताओं एवं बच्चों के पोषण को बेहतर बनाने के तरीकों के बारे में बताया गया। बच्चों के अभिभावकों ने भी कार्यक्रमों में भाग लिया और पोषण तथा मातृ स्वास्थ्य से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
योजनाओं की लाभार्थियों ने साझा किए अनुभव
आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम के दौरान महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की लाभार्थियों ने योजनाओं से मिलने वाली सहायता के बारे में अपने अनुभव साझा किए। लाभार्थियों ने बताया कि इन योजनाओं से प्राप्त आर्थिक सहायता का उपयोग वे अपनी और अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में कर पा रही हैं।
परिवार और समुदाय को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ने पर जोर
‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को परिवार और समुदाय के साथ जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के पोषण को केवल परिवार तक सीमित न रखते हुए इसे समुदाय की साझा जिम्मेदारी के रूप में बढ़ावा देना है।
प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों में माताओं, बच्चों, अभिभावकों और समुदाय के लोगों की सहभागिता से आंगनबाड़ी केंद्रों में उत्सव जैसा वातावरण बना रहा। गतिविधियों के माध्यम से पोषण, मातृ स्वास्थ्य और बच्चों की बेहतर देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।