दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना का आखिरी 17.5 किमी खंड पूरा, शिक्षा-स्वास्थ्य से लेकर रोजगार और कारोबार तक बढ़ेंगे अवसर
रायपुर, दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ इलाकों के लिए रेल कनेक्टिविटी की दिशा में बड़ा कदम सामने आया है। दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना के आखिरी 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट खंड का काम पूरा हो गया है। इसके साथ ही 95 किलोमीटर लंबी पूरी परियोजना का निर्माण कार्य अंतिम चरण तक पहुंच गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे दक्षिण छत्तीसगढ़ और बस्तर के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि रावघाट तक रेल पहुंचने से सिर्फ आवागमन आसान नहीं होगा, बल्कि इस क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार से जुड़े अवसरों तक लोगों की पहुंच भी बेहतर होगी। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार जताया है।
दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना की कुल लंबाई 95 किलोमीटर है। इसके अंतिम ताड़ोकी-रावघाट खंड की लंबाई 17.5 किलोमीटर है। यह सिंगल लाइन विद्युतीकृत ब्रॉडगेज रेल खंड है। रेल परिचालन शुरू करने से पहले रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) की ओर से इस हिस्से का निरीक्षण और गति परीक्षण भी किया जा चुका है। इस दौरान ट्रैक, पुल-पुलियों, विद्युतीकरण और सिग्नलिंग समेत सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की गई।
फिलहाल दल्लीराजहरा से ताड़ोकी तक रेल सेवा उपलब्ध है। ताड़ोकी-रावघाट खंड में परिचालन शुरू होने के बाद आसपास के इलाकों की रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। इससे दूरस्थ गांवों के लोगों के लिए बड़े शहरों और बाजारों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
रेल कनेक्टिविटी का असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ में पर्यटन, कृषि, वनोपज और स्थानीय कारोबार की संभावनाएं हैं। बेहतर रेल संपर्क से इन क्षेत्रों के उत्पादों और लोगों की बाजारों तक पहुंच आसान होगी। साथ ही पर्यटन और निवेश से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दक्षिण छत्तीसगढ़ में सड़क, रेल और संचार नेटवर्क का विस्तार क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, रावघाट तक रेल पटरी पहुंचना इस बदलाव की एक अहम कड़ी है और आने वाले समय में बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्र के लोगों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं।