रायपुर : छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में पाइपलाइन आधारित प्राकृतिक गैस वितरण व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति (CGD) के तहत गठित राज्य स्तरीय निगरानी समिति की बैठक हुई। इसमें गैस वितरण नेटवर्क के विस्तार और जरूरी अधोसंरचना तैयार करने की कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
घरों और संस्थानों तक पहुंचेगी PNG
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को पाइपलाइन के जरिए प्राकृतिक गैस के घरेलू, औद्योगिक और व्यावसायिक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने शासकीय आवासीय कॉलोनियों, स्कूल-कॉलेज, छात्रावास, अस्पताल, हाउसिंग कॉम्प्लेक्स, सरकारी संस्थानों, टाउनशिप, केंद्रीय रसोई और कैंटीनों में PNG अधोसंरचना विकसित करने के लिए कार्ययोजना तैयार कर काम करने को कहा।
स्वच्छ ईंधन को मिलेगा बढ़ावा
PNG सिस्टम के विस्तार से प्रदेश में प्राकृतिक गैस की उपलब्धता बढ़ने के साथ घरेलू, औद्योगिक और परिवहन क्षेत्र में स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। इससे प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
गैस नेटवर्क विस्तार के लिए विभागों में समन्वय
बैठक में गैस वितरण नेटवर्क के विस्तार, आवश्यक अधोसंरचना, विभागों के बीच समन्वय और उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं सुगम गैस आपूर्ति उपलब्ध कराने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को नीति के क्रियान्वयन से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही गैस वितरण व्यवस्था के लिए प्लंबर और फील्ड टेक्नीशियन के प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और कौशल विकास पर भी जोर दिया गया।
बैठक में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, राजस्व विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड, पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन, सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल कंपनियों और प्राधिकृत इकाइयों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया।