रायपुर : श्रमिक परिवारों को शासन की योजनाओं का समय पर लाभ दिलाने के लिए श्रम विभाग ने निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय कामकाज की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि ई-केवायसी प्रक्रिया में किसी भी श्रमिक का आवेदन लंबित नहीं रहना चाहिए।
मंत्री ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि पात्र श्रमिकों और उनके परिवारों को शासन की सभी संबंधित योजनाओं का लाभ समय पर मिले।
67 योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर
श्रम मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में श्रमिकों और उनके परिवारों के हित में कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। संगठित, असंगठित और निर्माण श्रमिकों के लिए विभिन्न श्रम कल्याण मंडलों के माध्यम से 67 कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का लाभ केवल पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे और आवेदन प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।
नए श्रम कानूनों का अध्ययन करेंगे अधिकारी
मंत्री देवांगन ने भारत सरकार द्वारा बनाए गए चार नए श्रम संहिताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने सभी श्रम अधिकारियों को नए कानूनों का अध्ययन करने के निर्देश दिए, ताकि उनके प्रावधानों के अनुसार विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि नए जिलों में श्रम कार्यालयों की अधोसंरचना को भी जल्द मजबूत किया जाएगा।
कारखानों की नियमित जांच के निर्देश
बैठक में श्रमिकों के पंजीयन को बढ़ाने के लिए प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने अधिकारियों को यह जांचने के निर्देश दिए कि ठेकेदार के पास जितने श्रमिकों का लाइसेंस है, वास्तव में उतने ही श्रमिक काम कर रहे हैं या नहीं।
इसके साथ ही कारखानों का नियमित निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन मिलने पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
योजनाओं की जिलेवार समीक्षा
बैठक में ऑनलाइन रैंडम निरीक्षण, अभियोजन एवं प्रकरणों के निराकरण और छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम के तहत पंजीयन सहित विभिन्न योजनाओं की जिलेवार समीक्षा की गई।
इनमें मिनी माता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना, असंगठित कर्मकार छात्रवृत्ति योजना, ई-रिक्शा सहायता योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना, असंगठित कर्मकार महतारी जतन योजना और बस्तर मुन्ने पोर्टल (नियद नेल्ला नार 2.0) शामिल हैं।
अपात्रों को लाभ मिला तो अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
सचिव सह श्रमायुक्त हिमशिखर गुप्ता ने जिलों के श्रम पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी योजना में अपात्र व्यक्ति को लाभ मिलता है या किसी तरह की शिकायत सामने आती है, तो संबंधित जिले के श्रम अधिकारी जिम्मेदार होंगे। ऐसे मामलों में नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
24 अगस्त को होगा उत्कृष्ट शिक्षा योजना का सम्मान समारोह
सचिव गुप्ता ने बताया कि 24 अगस्त को रायपुर में मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की पहल पर चालू शैक्षणिक सत्र से योजना के तहत सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। योजना के तहत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक श्रेष्ठ आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है। इसका पूरा खर्च श्रम विभाग द्वारा वहन किया जाएगा।
बैठक में अपर श्रमायुक्त एस.एल. जांगड़े, सविता मिश्रा, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल के सचिव गिरीश रामटेके सहित विभिन्न जिलों से आए श्रम विभाग के मैदानी अधिकारी उपस्थित रहे।