रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और श्रम एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में श्रम विभाग ने श्रमिक कल्याण योजनाओं को तकनीकी नवाचार और पारदर्शिता से जोड़ते हुए व्यापक सुधार किए हैं।
सरकार के अनुसार, 1 जनवरी 2024 से 30 जून 2026 के बीच 12.65 लाख नए श्रमिकों का पंजीयन किया गया, जबकि 17.82 लाख श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला। इस अवधि में 800 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि वितरित की गई। लाभ वितरण के लिए डीबीटी (Direct Benefit Transfer) प्रणाली लागू की गई है।
राज्य में श्रमिकों की सुविधा के लिए ‘श्रमेव जयते’ पोर्टल और मोबाइल ऐप शुरू किए गए हैं, जिससे पंजीयन, आवेदन और अन्य सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हो गई हैं। वहीं, सभी 33 जिलों में श्रम कार्यालयों का संचालन सुनिश्चित किया गया है।
सरकार ने मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र को 24×7 संचालित किया है। साथ ही मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के तहत आवास सहायता राशि बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये कर दी गई है। महिला श्रमिकों के लिए मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत 1.60 लाख से अधिक महिलाओं को मातृत्व सहायता प्रदान की गई है।
इसके अलावा शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों को 5 रुपये में पौष्टिक भोजन, जबकि श्रमिकों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति, मेधावी शिक्षा सहायता और प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग जैसी योजनाओं का भी लाभ दिया जा रहा है।