रायपुर : हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नारायणपुर जिले में पुनर्वास नीति के तहत महत्वपूर्ण पहल की गई है। शासन की पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले 50 पूर्व कैडरों के लिए कुल 70 लाख 68 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मंजूर की गई है।
इसी क्रम में 7 अगस्त को 13 आत्मसमर्पित युवाओं को 24 लाख 30 हजार 600 रुपये की प्रोत्साहन राशि के चेक वितरित किए गए। यह राशि उनके द्वारा समर्पित हथियारों के एवज में नियमानुसार प्रदान की गई।
पुनर्वास नीति से बदल रही जिंदगी
छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के माध्यम से हिंसा का रास्ता छोड़ने वाले युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य आत्मसमर्पित युवाओं को स्वावलंबी बनाकर उन्हें अपने और अपने परिवार के लिए सुरक्षित एवं बेहतर भविष्य तैयार करने का अवसर देना है।
शांति और विकास ही असली राह
कार्यक्रम के दौरान नारायणपुर कलेक्टर ने आत्मसमर्पित युवाओं का स्वागत करते हुए उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हिंसा छोड़कर विकास का रास्ता अपनाना क्षेत्र में शांति, खुशहाली और प्रगति का नया अध्याय लिख रहा है।
प्रशासन ने आश्वस्त किया कि शेष पात्र हितग्राहियों को भी जल्द ही नियमानुसार स्वीकृत प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। पुनर्वास और मुख्यधारा से जुड़ने की इस पहल से जिले में शांति, विश्वास और विकास का माहौल मजबूत हो रहा है।