रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि युवा शक्ति विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार और सेवा भावना को सही दिशा देकर समाज में बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। वे गुरुवार को राजधानी के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एनएसएस युवाओं में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने स्वयंसेवकों से प्रदेश में चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, रक्तदान, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, नशामुक्ति और स्वास्थ्य जागरूकता जैसे अभियानों को जनभागीदारी से आगे बढ़ाने में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
भर्ती से लेकर स्टार्टअप और एआई तक बढ़ रहे अवसर
सीएम साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा, रोजगार, शासकीय सेवा, उद्यमिता, खेल और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अवसर बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग में करीब 7 हजार युवाओं की भर्ती की गई है, जबकि बिजली कंपनियों में 1,235 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। व्याख्याता, शिक्षक और सहायक शिक्षक के पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री के मुताबिक पिछले डेढ़ वर्षों में प्रदेश को 8.25 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। नीति में एक हजार स्थानीय लोगों को रोजगार देने वाले उद्यमों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान भी किया गया है।
2030 तक 5 हजार स्टार्टअप का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने युवाओं से सिर्फ नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाले उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 के तहत वर्ष 2030 तक प्रदेश में 5 हजार स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन के जरिए युवाओं को उद्यमिता, कौशल और नई तकनीकों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि युवा अपने विचारों को कारोबार और रोजगार के अवसरों में बदल सकें।
6 लाख विद्यार्थियों को एआई ट्रेनिंग, 500 करोड़ का प्रावधान
भविष्य की तकनीकों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और प्रशासन समेत कई क्षेत्रों को प्रभावित करेगी। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री एआई मिशन के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके तहत प्रदेश के 6 लाख विद्यार्थियों को एआई प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नालंदा परिसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रदेश में नालंदा परिसरों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता बढ़ाकर 200 सीट की गई है और इस बार वहां के 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पास की है।
खिलाड़ियों के लिए भी सरकारी नौकरी का रास्ता
सीएम साय ने कहा कि खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए शासकीय नौकरी का रास्ता साफ किया गया है। सरकार का प्रयास है कि खेल के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलें।
एनएसएस स्वयंसेवकों का सम्मान
समारोह में मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले एनएसएस स्वयंसेवकों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि एनएसएस से जुड़े युवाओं में समाज की समस्याओं को समझने, टीम के साथ काम करने और समाधान के लिए आगे आने की क्षमता विकसित होती है। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा सहित विभागीय अधिकारी, विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक मौजूद रहे।