दीपावली पर्व को देखते हुए जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने विशेष सघन जांच अभियान शुरू किया है। कलेक्टर के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत मिठाई, मावा, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए विभिन्न दुकानों और प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है।
अभियान के दौरान सक्ती, फगुराम, बाराद्वार, जैजैपुर, हसौद और चंद्रपुर के कई प्रतिष्ठानों से सोनपापड़ी, मिल्क केक, मलाई पेड़ा, रसगुल्ला, चमचम, बूंदी लड्डू, कलाकंद, पेड़ा और अन्य मिठाइयों के नमूने लिए गए। इन नमूनों को जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच में खाद्य पदार्थ अमानक पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ न्यायालयीन कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा अन्नपूर्णा स्वीट्स, यादव होटल, बीकानेर स्वीट्स, शिव शक्ति जोधपुर होटल, नटराज स्वीट्स, बनारसी होटल और छेदी होटल सहित अन्य प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान रैपिड टेस्ट किट से मौके पर ही मिठाइयों और खोया की गुणवत्ता की जांच की गई। खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जांच अभियान में तहसीलदार लीलाधर चंद्रा, नायब तहसीलदार जागृति आनंद और पद्म लोचन पटेल, अभिहित अधिकारी अहसान तिग्गा तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी निखिलेश साहू, शांतनु भट्टाचार्य और सरिता मरावी शामिल रहे।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने मिठाई विक्रेताओं और खाद्य कारोबारियों से साफ-सफाई बनाए रखने, मिठाइयों को खुले में नहीं रखने, अखाद्य रंगों का इस्तेमाल नहीं करने और मिलावट रहित खाद्य पदार्थ बेचने की अपील की है। वहीं उपभोक्ताओं से भी खरीदारी के दौरान खाद्य पदार्थों के पैकेट पर दिए गए लेबल और गुणवत्ता संबंधी जानकारी जांचने की अपील की गई है।