रायपुर : विकसित भारत–रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जीरामजी) अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान (एसआईआरडी), निमोरा में 3 से 5 अगस्त तक तीन दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसमें प्रदेशभर के निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों को अधिनियम के प्रावधानों, जिम्मेदारियों और क्रियान्वयन की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कार्यशाला में विकसित भारत–जीरामजी योजना के आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में पंचायत प्रतिनिधियों की अहम भूमिका है। उन्होंने बताया कि अधिनियम के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी और 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी का प्रावधान किया गया है। साथ ही सभी विकास कार्यों का चयन और अनुमोदन ग्राम सभा के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और जनभागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।
प्रशिक्षण के दौरान जिला पंचायत सदस्यों को ग्रामीण रोजगार कार्ड, पात्र परिवारों का पंजीयन, विकसित ग्राम पंचायत योजना, सामाजिक अंकेक्षण, शिकायत निवारण, वित्तीय प्रबंधन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और आजीविका संवर्धन जैसे विषयों पर व्यवहारिक जानकारी दी जा रही है।
सरकार का उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों को सशक्त बनाकर अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है, ताकि ग्रामीण विकास की योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी को नई मजबूती मिल सके।