रायपुर : स्वतंत्रता दिवस से पहले रायपुर में सोमवार को देशभक्ति का अलग ही नजारा देखने को मिला। बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम तक निकली तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय खुद हाथ में तिरंगा लेकर शामिल हुए। हजारों लोगों की मौजूदगी में भारत माता के जयघोष और देशभक्ति के नारों से पूरा शहर गूंज उठा।
यात्रा में युवाओं के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और पूर्व सैनिक भी शामिल हुए। स्कूली बच्चों ने करीब एक किलोमीटर लंबा तिरंगा हाथों में थामकर यात्रा की, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। यात्रा के रास्ते में जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया और घरों व दुकानों से तिरंगा लहराकर राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान जताया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तिरंगा सिर्फ राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और स्वाभिमान का प्रतीक है। अलग-अलग भाषा, संस्कृति और परंपराओं के बावजूद तिरंगा देश के 140 करोड़ लोगों को एक सूत्र में जोड़ता है। उन्होंने कहा कि तिरंगे को देखकर हर भारतीय के मन में देश के प्रति गर्व और सम्मान का भाव पैदा होता है।
नई पीढ़ी को बतानी होगी आजादी की कहानी
सीएम साय ने कहा कि स्वतंत्रता हमें आसानी से नहीं मिली। इसके पीछे लाखों लोगों का संघर्ष और बलिदान है। नई पीढ़ी को स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और आजादी के संघर्ष के बारे में जानना जरूरी है, ताकि वह स्वतंत्रता के महत्व को समझ सके।
उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस पर अपने घरों में सम्मान के साथ तिरंगा फहराने और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में शामिल होने की अपील की।
वीर नारायण सिंह और गुण्डाधुर को किया याद
तिरंगा यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के वीर सपूतों को भी याद किया। उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह और बस्तर के जननायक गुण्डाधुर के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महानायकों की शौर्यगाथा प्रदेश की गौरवशाली पहचान का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर नारायण सिंह ने अंग्रेजी हुकूमत के अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई, वहीं गुण्डाधुर ने बस्तर में जनजातीय समाज को संगठित कर विदेशी शासन के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि इन महानायकों के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है।
बस्तर में भी लहराएगा तिरंगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब हिंसा और भय के दौर से निकलकर शांति और विकास की ओर बढ़ रहा है। सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं के विस्तार के साथ लोगों का भरोसा भी मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि इस बार स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर के गांवों और दूरस्थ इलाकों में भी तिरंगा पूरे उत्साह के साथ लहराया जाएगा।
‘भारत माता की जय’ से गूंजा शहर
यात्रा के दौरान ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ जैसे नारों से माहौल देशभक्ति से भर गया। युवाओं और स्कूली बच्चों के हाथों में लहराते तिरंगों ने पूरे यात्रा मार्ग को आकर्षक बना दिया।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि तिरंगा यात्रा स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। वहीं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इसे राष्ट्रभक्ति की सामूहिक अभिव्यक्ति बताते हुए कहा कि तिरंगा देश की अस्मिता, गौरव और एकता का प्रतीक है।
तिरंगा यात्रा में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राजेश अग्रवाल, लक्ष्मी रजवाड़े, ओपी चौधरी, सांसद रूप कुमारी चौधरी, विधायक राजेश मूणत, सुनील सोनी, अनुज शर्मा, इंद्र कुमार साहू, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पूर्व सैनिक और नागरिक शामिल हुए।