रायपुर : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप गुरुवार को दंतेवाड़ा के श्यामगिरी पहुंचे। यहां उन्होंने 2019 में हुई नक्सली घटना के स्थल पर पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। स्थानीय लोगों, प्रत्यक्षदर्शियों और स्वर्गीय भीमा मंडावी के सहयोगियों ने उस घटना से जुड़ी यादें साझा कीं। दोनों मंत्रियों ने अरनपुर और श्यामगिरी की घटनाओं में शहीद हुए 13 लोगों की स्मृति में पौधरोपण भी किया।
मंत्रियों ने शहीद परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और उन्हें मिल रही सरकारी सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान तत्कालीन दंतेवाड़ा विधायक और शहीद भीमा मंडावी की पत्नी ओजस्वी मंडावी से मुलाकात के दौरान माहौल भावुक हो गया। सभी ने शहीदों की याद में कुछ पल का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर के लोगों ने नक्सल हिंसा के दौर में बहुत कुछ खोया है। किसी ने अपना भाई, पिता, मित्र या रिश्तेदार खोया, तो किसी ने अपने किसी करीबी को। उन्होंने कहा कि तिरंगा फहराने के लिए बस्तर के लोगों और जवानों ने लंबा संघर्ष किया है। आज उन इलाकों में बिना डर के तिरंगा लहराया जा रहा है, जहां कभी इसके लिए भी लोगों को धमकाया जाता था। उन्होंने कहा कि अब भारत का संविधान बस्तर के हर कोने में बिना किसी भय के लागू होगा।
विजय शर्मा ने कहा कि “बस्तर की जनता जीत गई और नक्सलवाद हार गया।” उन्होंने लोगों से अपने घरों पर तिरंगा लगाने और आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो लोग तिरंगा यात्रा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं, वे सोशल मीडिया के माध्यम से भी तिरंगे के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करें।
ग्रामीणों की मांग पर उप मुख्यमंत्री ने नकुलनार से बचेली मार्ग का नाम शहीद भीमा मंडावी के नाम पर करने की अनुशंसा करने की बात कही। उन्होंने इस संबंध में जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के लिए कलेक्टर को निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान सभी ने ‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया और घटनास्थल की मिट्टी को भी स्मृति के रूप में संग्रहित किया।
इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने बिहान समूह की महिलाओं से भी बातचीत की और उन्हें लघु वनोपज प्रसंस्करण का प्रशिक्षण लेकर इससे जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने ‘छत्तीसकला’ ब्रांड के तहत बिहान समूहों के उत्पादों को मिल रही सरकारी सहायता का लाभ उठाने की बात कही। इसके बाद मंत्री द्वय ने राष्ट्रपति भवन से लौटे बस्तर पंडुम के विजेता अरनपुर के मांदरी दल की महिलाओं से मुलाकात की। बातचीत के दौरान महिलाओं ने बस्तर आने पर राष्ट्रपति के स्वागत और अपने हाथों से भोजन कराने की इच्छा भी जताई।