रायपुर, महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली 1,000 रुपये की मासिक राशि छत्तीसगढ़ की लाखों महिलाओं के लिए घरेलू जरूरतों में मदद के साथ-साथ आजीविका और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बन रही है। कर्ज, स्वयं सहायता समूहों और स्वरोजगार के अवसरों के साथ यह सहायता महिलाओं को आय का स्थायी जरिया विकसित करने में मदद कर रही है।
राज्य की प्रमुख योजनाओं में शामिल महतारी वंदन योजना से लगभग 68 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। अब तक 31 किस्तों में 20,075.38 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। वर्ष 2026-27 के बजट में योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
योजना की पूरक महतारी शक्ति ऋण योजना के तहत नवंबर 2024 से अब तक करीब 41,124 महिलाओं को 102.38 करोड़ रुपये के बिना गारंटी वाले स्वरोजगार ऋण दिए गए हैं। इन ऋणों के जरिए महिलाएं किराना दुकान, सिलाई, पशुपालन, मुर्गी पालन और अन्य छोटे व्यवसायों का विस्तार कर रही हैं।
महिलाओं की सफलता की कहानियां
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की रानू कैवर्त सिलाई, कपड़े, किराना कारोबार के साथ बटेर और देसी मुर्गी पालन एवं हैचरी से सालाना करीब 3 लाख रुपये कमा रही हैं।
गुडुमदेवारी की सीता मरावी ने किराना दुकान और मुर्गी पालन के लिए बैंक तथा स्वयं सहायता समूह से ऋण लेकर अपनी सालाना आय करीब 2.5 लाख रुपये तक पहुंचाई है। इसी गांव की सुमन लता वाकरे ने स्वयं सहायता समूह से मिले 15 हजार रुपये से किराना दुकान शुरू की और बाद में बैंक ऋण से कारोबार का विस्तार किया। अब उनकी सालाना आय एक लाख रुपये से अधिक है।
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की केजू बाई सलामे महतारी वंदन योजना से मिलने वाली 1,000 रुपये की मासिक राशि का उपयोग किराना दुकान में सामान का स्टॉक बढ़ाने में करती हैं। इससे उनकी बिक्री में वृद्धि हुई है और वे लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
10 मार्च 2024 को शुरू हुई महतारी वंदन योजना महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। राज्य में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 13.85 लाख महिलाएं लखपति दीदी की श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं।
राज्य सरकार ने लखपति दीदी भ्रमण योजना के लिए भी बजटीय प्रावधान किया है। इसके तहत लखपति दीदियों को देश के विभिन्न व्यापारिक एवं आर्थिक केंद्रों तथा प्रमुख शक्तिपीठों के भ्रमण का अवसर देने की योजना है। यह पहल महिलाओं को नए व्यवसायिक अवसरों, बाजार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में एक कदम है।