नारायणपुर : कभी जंगल से लकड़ियां बटोरना, उन्हें सिर पर लादकर घर तक लाना और फिर धुएं से भरी रसोई में खाना पकाना नारायणपुर के दूरदराज इलाकों की महिलाओं की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा था। रसोई के धुएं से आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी के बीच घंटों गुजरते थे। अब प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने इस तस्वीर को काफी हद तक बदल दिया है।

नारायणपुर जिले में अब तक 22 हजार 18 पात्र परिवारों को LPG गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। गैस कनेक्शन मिलने से ग्रामीण महिलाओं को न केवल लकड़ी और उपले जैसे पारंपरिक ईंधन से राहत मिली है, बल्कि खाना पकाने में लगने वाला समय और मेहनत भी कम हुई है।

धुएं से राहत, रसोई हुई साफ

वनांचल क्षेत्रों में लकड़ी से खाना पकाने के कारण रसोईघर धुएं से भर जाता था। महिलाओं और बच्चों को लंबे समय तक इस धुएं के संपर्क में रहना पड़ता था। LPG गैस के इस्तेमाल से रसोई का वातावरण स्वच्छ हुआ है और घरेलू धुएं से होने वाली परेशानियों में कमी आई है।

खासकर बारिश के दिनों में गीली लकड़ी से खाना पकाने की मुश्किल अब पहले जैसी नहीं रही। गैस चूल्हे ने ग्रामीण परिवारों के लिए खाना बनाने की प्रक्रिया को आसान और सुविधाजनक बनाया है।

लकड़ी बीनने में बचा समय, दूसरे कामों में हो रहा इस्तेमाल

उज्ज्वला योजना का असर सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं है। पहले महिलाओं को लकड़ी जुटाने के लिए कई किलोमीटर तक पैदल जाना पड़ता था। अब इस समय और श्रम की बचत हो रही है। महिलाएं इस समय का इस्तेमाल बच्चों की देखभाल, उनकी पढ़ाई, आजीविका से जुड़ी गतिविधियों और स्व-सहायता समूहों के कामों में कर पा रही हैं।

यानी LPG कनेक्शन ने उनके रोजमर्रा के जीवन में सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपने परिवार और आर्थिक गतिविधियों के लिए अधिक समय भी दिया है।

22 हजार कनेक्शन, बदलाव की बड़ी तस्वीर

नारायणपुर जैसे सुदूर और वनांचल जिले में 22 हजार 18 LPG कनेक्शन केवल एक आंकड़ा नहीं हैं। यह उन परिवारों में आए बदलाव की तस्वीर है, जहां कभी चूल्हे का धुआं रोजमर्रा की मजबूरी था। उज्ज्वला योजना के जरिए स्वच्छ ईंधन तक पहुंच ने हजारों परिवारों की रसोई को सुविधाजनक बनाया है और महिलाओं के जीवन से जुड़ी कई पुरानी मुश्किलों को कम किया है।

स्वच्छ रसोई से लेकर समय की बचत तक, यह बदलाव नारायणपुर के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के जीवन को नई सुविधा और बेहतर अवसरों से जोड़ रहा है।

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